मध्यप्रदेश पुलिस के हत्थे चढ़े 'हनी ट्रैप' (मोहपाश) गिरोह के जाल में राजनेताओं और आला सरकारी अधिकारियों समेत कई प्रभावशाली लोगों के फंसने का संदेह है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह लोगों को इंदौर और भोपाल से गिरफ्तार किया है।
मध्यप्रदेश के रसूखदार लोगों को मोहपाश में फांसने वाले गिरोह के खुलासे के बाद राज्य के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने सूबे की कमलनाथ सरकार पर शनिवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस को इस मामले की निष्पक्ष जांच में परेशानी हो रही है।
राज्य के पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा, 'हमें लग रहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस को ‘हनी ट्रैप’ (मोहपाश) मामले की निष्पक्ष जांच में कठिनाई हो रही है। लिहाजा या तो कमलनाथ सरकार इस मामले की तहकीकात सीबीआई को सौंपे या विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करे।'
सागर जिले के खुरई क्षेत्र से भाजपा विधायक ने कहा, 'इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई राजनेताओं और नौकरशाहों के नाम भी सामने आये हैं। खबरों के मुताबिक ‘हनी ट्रैप’ गिरोह के कहने पर तीन जिलाधिकारियों की पोस्टिंग भी की गई थी।'
सिंह ने कहा, 'इस गंभीर मामले की पूरी सचाई सबके सामने आनी चाहिए, क्योंकि संबंधित गिरोह के जरिये पूरे सरकारी तंत्र को भ्रष्ट करने का बड़ा प्रयास किया गया है। गिरोह के जाल में फंसे सभी राजनेताओं के नाम भी उजागर किए जाने चाहिए, चाहे वे भाजपा से ताल्लुक रखते हों या कांग्रेस से।'
कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने के लिए हनी ट्रैप गिरोह के भाजपा के इशारे पर काम करने को लेकर कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'क्या इन आरोपों का यह मतलब हुआ कि कांग्रेस के विधायकों का चरित्र ऐसा है कि वे हनी ट्रैप में फंसकर सत्तापलट के किसी षड़यंत्र के शिकार हो सकते हैं? कांग्रेस के नेता अपनी ही पार्टी के लोगों के चरित्र पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।'