ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण करते कृषि मंत्री
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मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को त्वरित मुआवजा राशि दिलाने का आश्वासन दिया है। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फसल आने के पहले 25 फीसदी राशि हम अभी किसानों को दिला देंगे। जितने किसानों की क्षति हुई है उन्हें जल्द से जल्द बीमा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई जगह रिपोर्ट भेज दी गई है बाकी की जगहों में अधिसूचित करा दिया जाएगा। तत्काल 72 घंटे के भीतर सर्वे कराने के बाद हम फसल आने के पहले किसानों को 25 फीसदी बीमा राशि कंपनी से प्रदान कराएंगे। शेष 75 फीसदी बीमा राशि का भुगतान मार्च में जैसे ही फसल आएगी तब किया जाएगा। प्रदेश के एक-एक किसान के खेत में होने वाले नुकसान की वीडियोग्राफी करा के उसे नुकसान की भरपाई की जाएगी। राजगढ़ जिले में सर्वे का काम पूरा हो चुका है वहां के कलेक्टर ने इसकी सूचना सबसे पहले दी है। बाकी की जगहों में भी जहां ओलावृष्टि हुई है वहां जल्दी सर्वे कराया जाएगा। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है प्रदेश सरकार उनके साथ है। जिन किसानों का बीमा नहीं है उन्हें आरबीसी 6-4 के तहत राशि दी जाएगाी।
प्रदेश के किसानों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की क्षति पूर्ति के लिए हमने किसान फसल बीमा योजना लागू कर दी है। बीते साल प्रदेश के किसानों की सोयाबीन की फसल खराब हुई थी, हमने तारीख बढ़ाने के बाद प्रदेश के करीब 47 लाख किसानों का बीमा कराया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गुना, ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, छतरपुर, उज्जैन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा और दमोह जिलों के कई हिस्सों में ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान लहसुन, प्याज, आलू, चना और गेंहू की फसल को हुआ है।