गुना के सुमित जैन दीक्षा से पहले
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मध्य प्रदेश के गुना में रहने वाले गल्ला व्यापारी सुरेंद्र चंद्र जैन के बेटे सुमित जैन इंदौर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीए थे। उन्होंने सारी मोह-माया त्यागकर वैराग्य अपना लिया है। कुंडलपुर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से प्रभावित होकर उन्होंने दीक्षा ले ली। अब सुमित क्षुल्लक मंथनसागर महाराज नाम से जाने जाएंगे।
सुरेश चंद्र जैन के मुताबिक सुमित की प्रारंभिक शिक्षा गुना में हुई। इसके बाद इंदौर में सीए की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद इंदौर में 10 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी कर रहे थे। इंदौर में काम करने के बाद वह आचार्य श्री के सानिध्य में आ गए। 2018 में सुमित ने ब्रह्मचर्य का व्रत ले लिया। कुण्डलपुर तीर्थ पर आचार्य विद्यासागर महाराज के सान्निध्य में चल रहे पंचकल्याणक महामहोत्सव में उन्होंने क्षुल्लक की दीक्षा ली। दीक्षा से पहले दीक्षार्थियों की बिनौली, बारात आदि के कार्यक्रम हुए। आचार्यश्री ने दीक्षार्थियों का क्षुल्लक नामकरण किया। इस मौके पर सभी दीक्षार्थियों को कमंडल, भोजन पात्र एवं शास्त्र भेंट किए गए।
10 लाख रुपये से अधिक का पैकेज था
29 वर्षीय सुमित ने इंदौर में सीए की पढ़ाई की। वहीं पर नौकरी भी शुरू की थी। सालाना पैकेज 10 लाख रुपये से अधिक का था। उन्हें विधि-विधान से दीक्षा दिलाई गई। उनके परिजन भी इस दौरान वहां मौजूद थे।