मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के चीचली थाने के रीछई गांव में हुई सामूहिक दुष्कर्म और आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इन सात आरोपियों में से दो आरोपी मोतीलाल चौधरी और लीलाबाई पीड़िता के चाचा ससुर और सास हैं। वहीं, अन्य दो आरोपी अरविंद और अनिल राय हैं, जो पीड़िता के देवर हैं। एक अन्य आरोपी का नास परसू है। इन तीनों आरोपियों पर महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।
दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन ने अपने अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की है। पीड़िता की एफआईआर लिखने के दौरान बरती गई गंभीर लापरवाही के लिए चीचली थाना प्रभारी एएसआई अनिल सिंह और गोरी टोरिया पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई एमएल कुड़ापे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। एसपी अनिल सिंह ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और उन्हें इस मामले में जानकारी दी।
क्या है पूरा मामला
नरसिंहपुर जिले के चीचली थानांतर्गत एक गांव में अनुसूचित जाति की महिला ने शुक्रवार सुबह घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पति का आरोप है कि उसकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसकी रिपोर्ट लिखवाने के लिए वे तीन दिन से पुलिस थाने का चक्कर लगा रहे थे। आरोपियों को गिरफ्तार करने की जगह उन्हें ही लॉकअप में डाल दिया गया था। वहीं महिला की मौत के बाद पीड़ितों से मिलने जिले के आला अधिकारी उनके गांव पहुंचे।