प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। शुक्रवार को कांग्रेस की ओर से राज्यपाल को सौंपे गए पत्र में 121 विधायकों के समर्थन की जानकारी दी गई। इसमें कांग्रेस के 114 विधायकों के अलावा बसपा के दो, समाजवादी पार्टी का एक और चार निर्दलीय विधायक शामिल हैं। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर लग रहे कयासों पर कमलनाथ के चयन से विराम लग गया। अब कमलनाथ के मंत्रिमंडल का हिस्सा होने वाले चेहरों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।
बता दें कि कमलनाथ प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में 17 दिसंबर को दोपहर डेढ़ बजे जंबूरी मैदान में शपथ लेंगे। उनके साथ शपथ लेने वाले नामों को लेकर मंथन जारी है। कांग्रेस ने 15 साल बाद सत्ता में वापसी की है ऐसे में नामों को लेकर गहन चर्चा चल रही है।
इन्हें मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
टिकट बंटवारे की तरह ही मंत्रिमंडल के गठन में भी कांग्रेस पार्टी क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ जातीय संतुलन बैठाना चाहती है। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में लाखन यादव, राऊ विधायक जीतू पटवारी, इमरती देवी, बाला बच्चन, विजय लक्ष्मी साधौ, हिना कांवरे, तरुण भनोत, उमंग सिंघार, भोपाल उत्तर से जीते आरिफ अकील, सज्जन सिंह वर्मा को जगह दी जा सकती है।
इसके अलावा तुलसी सिलावट, डाॅ. प्रभुराम चौधरी, गोविंद राजपूत, मुन्नालाल गोयल, केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, पीसी शर्मा, लक्ष्मण सिंह, जयवर्द्धन सिंह, हुकुम सिंह कराड़ा और चार बार के निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को स्थान दिए जाने की चर्चा है। इसके अलावा वरिष्ठ विधायक डॉ. गोविंद सिंह को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें भी तेज हैं।
कमलनाथ के शपथग्रहण के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को न्योता भेजा गया है। इसके अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के अलावा कई क्षेत्रीयों दलों के नेता भी जुटेंगे ताकि 2019 के मद्देनजर भाजपा को गठबंधन की ताकत का अहसास दिलाया जा सके।