- 1968 को जन्में भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे।
- कभी कपड़ों के एक ब्रांड के लिए ऐड के लिए मॉडलिंग कर चुके भय्यू महाराज अब गृहस्थ संत हो गए थे। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है।
- उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है। उनकी पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है।
- पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू है, जिसने पुणे में रहकर पढ़ाई की और इंदौर आती-जाती रहती थी।
- उन्होंने 30 अप्रैल 2017 को एमपी के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ सात फेरे लिए थे।
- वे मर्सीडीज जैसी महंगी गाडिय़ों में चलने वाले भय्यू जी रोलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते थे और आलीशान बंगले में रहते थे। उन्हें घुड़सवारी और तलवारबाजी का भी शौक था।
हाईप्रोफाइल लोगों से रहा है नाता
- वे चर्चा में तब आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।
- पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज आमंत्रित किया था।
- पूर्व प्रेसिडेंट प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।