मध्य प्रदेश के कटनी जिले स्थित आर्डनेंस फैक्टरी में अपने वरिष्ठ साथी की हत्या करने के बाद वहीं छिप गए रक्षा सुरक्षा कोर (डीएससी) के हवलदार ने सोमवार को लगभग 38 घंटे बाद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हवलदार सकट सिंह (55 वर्ष के आसपास) ने शनिवार शाम अपनी राइफल से नायब सूबेदार अशोक शिकारा (45) पर पांच गोलियां चलाईं थी। इसके बाद सिंह, कई इमारतों और ऊंची झाड़ियों वाले आर्डनेंस फैक्टरी कटनी (ओएफके) के विशाल परिसर में कहीं छिप गया था। सिंह के पास लगभग 15 से 20 कारतूसों के साथ एक इंसास राइफल थी और उसने धमकी दी थी कि अगर कोई उसके करीब आएगा तो, वह खुद को गोली मार लेगा।
कटनी के पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने बताया कि उसने सोमवार सुबह 10 बजे आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने से पहले, आरोपी ने कई बार आत्मसमर्पण करने का नाटक किया। हवलदार, पहले वाहिनी में तैनाती और वित्त से संबद्ध था।
अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, नायब सूबेदार शिकारा कुछ समय पहले ही आया था। दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर लड़ाई होने लगी थी। उन्होंने बताया कि रविवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उनके परिवार को सौंप दिया गया। डीएससी को देश भर में रक्षा प्रतिष्ठानों की रखवाली का काम सौंपा जाता है।