एक बार फिर इंदौर के एमवाईएच अस्पताल में एक नवजात बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत का मामला गरमा गया है। आदिवासी संगठन जेएवाईएस का दावा है कि आईसीयू में चूहों ने बच्ची की चार उंगलियां कुतर दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों को शव प्लास्टिक में पैक कर सौंपा गया था। अंतिम संस्कार से पहले जब देखा गया तो हाथ की उंगलियां गायब थीं। प्रशासन पर झूठ बोलने और लापरवाही का आरोप लगा है।
मध्य प्रदेश के इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाईएच) अस्पताल में एक बार फिर चूहों से संबंधित मामले में बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक नवजात बच्ची की संदिग्ध हालत में मौत के मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। आदिवासी संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जेएवाईएस) ने दावा किया है कि अस्पताल की लापरवाही से चूहों ने बच्ची की चार उंगलियां कुतर दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में संगठन ने अस्पताल प्रशासन पर झूठ बोलने और मामले को दबाने का आरोप लगाया है।
परिवार का दावा- मिला उंगलियों से कटा बच्ची का शव
आरोपों पर क्या बोला अस्पताल प्रशासन?
वहीं मामले में अस्पताल से जुड़े महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अरविंद घंघोरिया ने सभी आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम से पोस्टमॉर्टम कराया गया है और उसके आधार पर स्थिति साफ हो चुकी है। हालांकि उन्होंने माना कि साफ-सफाई, चूहा नियंत्रण और सुरक्षा के उपायों में सुधार किए जा रहे हैं। बता दें कि अस्पताल प्रशासन ने अब तक छह कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है, जिनमें कुछ को सस्पेंड और पद से हटाया गया है।
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