फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP Election Results 2022: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ में 25 साल बाद खिला कमल, कांग्रेस को मिली बड़ी सफलता

Wed, 20 Jul 2022 05:38 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

चौरई और बिछुआ 80 प्रतिशत मतदान होने के बावजूद भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
कमलनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छिंदवाड़ा जिला एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का गढ़ माना जाता है, जिसकी वजह मतगणना के दौरान लगातार चुनाव में सफलता मिलती जा रही है। पहले सातों विधायक छिंदवाड़ा से जीते, फिर सांसद, अब महापौर और 11 निकाय में से अब 7 पर भी कांग्रेस का कब्जा हो गया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद भी कांग्रेस जीतने की तैयारी में है। यही वजह है जिले को भाजपा मुक्त प्रचारित किया जा रहा है, कमल नाथ का छिंदवाड़ा मॉडल भी जीत की वजह बताया जा रहा है। हाल ही में घोषित चुनवा परिणाम भी इसकी गवाही दे रहे है।
विज्ञापन


बुधवार को घोषित 9 निकायों के परिणाम में 6 में कांग्रेस की परिषद बनने जा रही है। पिपला, लोधीखेड़ा, न्यूटन, चादामेटा, बड़कुही, चांद में कांग्रेस की परिषद बनने जा रही है। ये परिणाम भाजपा के लिए चिंताजनक है। हालांकि 25 साल बाद चौरई में भाजपा की वापसी हुई है, बिछुआ, अमरवाड़ा नगर पालिका में पार्टी फिर से काबिज हुई है, परासिया में भी परिषद बनती नजर आ रही हैं जिसके कारण ये परिणाम पार्टी के लिए संतोष दे सकते है। छिंदवाड़ा नगर निगम में कांटे की टक्कर में कांग्रेस को जीत हासिल हुई है। आर्थिक संकट से जूझ रही छिंदवाड़ा की निकाय में सबकी उम्मीदों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती है। चुंगी क्षतिपूर्ति के अलावा आय का कोई जरिया नहीं है। नए टैक्स का बोझ झेलने के लिए जनता तैयार नहीं है।

कांग्रेस को भी इस चुनाव परिणाम से सबक लेने की जरूरत है। क्योंकि तस्वीर वैसी नहीं है, जैसी नजर आ रही है। तस्वीर का दूसरा पहलू ये है कि सांसद नकुल नाथ और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के धुंआधार प्रचार के बाद भी चौरई और बिछुआ में कांग्रेस को हार मिली, बिछुआ में सबसे ज्यादा 80 प्रतिशत मतदान हुआ था, इसके बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जबकि छिंदवाड़ा नगर निगम में पिछले चुनाव की तुलना में 7 फीसद कम मतदान हुआ, तो भाजपा को निगम से हाथ धोना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें