मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है कि परिवारवाद की परिभाषा को समझना होगा।
- फोटो : फाइल फोटो
भाजपा परिवार वाद की बातों पर अन्य दलों को अक्सर घेरती रही है। भाजपा बताती रही है कि पार्टी में परिवारवाद नहीं है। बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पार्टी में पारिवारिक राजनीति की इजाजत नहीं दी जाएग। अन्य पार्टियों में वंशवाद की राजनीति के खिलाफ़ लड़ा जाएगा। अब मप्र के सूक्ष्म और लघु उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए इसके उलट बयान दिया है।
सखलेचा ने कहा है कि परिवारवाद की परिभाषा को समझना होगा। परिवारवाद का अर्थ बहुत ही साधारण है, जिसके परिवार से पिछले पांच-सात सालों से कोई राजनीति में सक्रिय न हो, और जिसने जमीन पर कोई काम नहीं किया हो। सीधा उसे अवसर देने की बजाय, जो काम कर रहा है, कई नेता हैं जिनके बच्चे फुलटाइम काम कर रहे हैं, तो क्या आप केवल इसलिए उनका नाम काटना चाहते हैं जो फुलटाइम काम कर रहे हैं। सखलेचा ने कहा कि जैसे गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हों, उनकी अगली पीढ़ी के बच्चे सालों से काम कर रहे हैं। जो रुटीन में काम कर रहे हैं, उनका भी अधिकार है, उनका भी सामान्य नागरिकों की तरह अधिकार है।
कांग्रेस प्रवक्ता सलूजा ने एक वीडियो ट्वीट कर कहा है कि प्रदेश के पूर्व सीएम के बेटे, शिवराज सरकार के वर्तमान मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, मोदीजी के परिवारवाद के निर्णय को खुली चुनौती दे रहे हैं। नरेंद्र सिंह तोमर, नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र परिवारवाद की श्रेणी में नहीं आते हैं।