मध्य प्रदेश में मेडिकल नॉलेज शेयरिंग मिशन की शुरुआत हुई है। यह देश में पहला मौका है जब इस तरह के किसी मिशन को शुरू किया गया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल में गुरुवार को मिशन के कार्यालय का शुभारंभ किया। इस कार्यालय के जरिये देश के बड़े संस्थानों के साथ ही विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ एमओयू किया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि "मेडिकल नॉलेज शेयरिंग मिशन'' से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सकीय उपचार की नवीनतम तकनीक, नवाचारों एवं शोध के विभिन्न आयामों का लाभ मध्यप्रदेश के चिकित्सकों एवं चिकित्सा छात्रों को मिलेगा। मिशन के कार्यालयों से सभी प्रकार के काम संचालित होंगे। यहां से शासकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों जैसे शंकर नेत्रालय चेन्नई, टाटा कैंसर हॉस्पिटल मुंबई, फोर्टिस गुडगांव एवं अपोलो हॉस्पिटल के साथ सुपर स्पेशलिटी सर्जरी के क्षेत्र में मेडिकल रोबोटिक्स के उपयोग, चिकित्सा पद्धति और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान किया जाएगा। अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं एमोरी यूनिवर्सिटी के साथ संक्रामक बीमारियों के उपचार एवं चिकित्सा शोध के लिए एमओयू किया जाएगा।
यह होगा फायदा
कैपेसिटी बिल्डिंग: मेडिकल छात्रों एवं चिकित्सकों के लिए ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, नॉलेज एक्सचेंज, एक्पोजर विजिट प्रोग्राम आदि कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। नॉलेज एक्सचेंज इंटरेक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। इससे चिकित्सा छात्र एवं चिकित्सक अपने अनुभव, रिसर्च कार्यों एवं अन्य नवाचारों को एक-दूसरे से डिजिटल रूप से साझा कर सकेंगे। यहां नवीनतम तकनीकों (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-AI) एवं गूगल तथा माइक्रोसॉफ्ट आधारित आधुनिक सॉफ्टवेयर का उपयोग चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सकीय व्यवस्था क्षेत्र में किया जाएगा।
गंभीर बीमारियों में विशेषज्ञाें की लेंगे राय: देश एवं दुनियाभर के विशेषज्ञ डॉक्टरों से प्रदेश के मरीजों की जटिल बीमारियों के इलाज के लिए एमओयू किया जाएगा। इसमें हेल्थ कैम्प, चिकित्सा परामर्श सुविधा एवं शल्य चिकित्सा की व्यवस्था चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पतालों में की जाएगी।
मेडिकल छात्रों का एक्सचेंज कार्यक्रम: देश-विदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में चल रहे नवाचारों, नवीन चिकित्सकीय विधि-विधाओं एवं चिकित्सकीय शोध आदि विषयों पर ट्रेनिंग एवं कार्यशाला की जाएगी। नॉलेज एक्सचेंज एक्पोजर प्रोग्राम में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सा छात्रों एवं चिकित्सकों को देश-विदेश में नॉलेज एक्सचेंज एक्पोजर विजिट की व्यवस्था भी की जाएगी।
डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रदेश से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश के प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत डॉक्टरों को रजिस्ट्रेशन कर जोड़ा जाएगा। यहां पर मेडिकल के नए शोध, नवाचारों को डिजिटल प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही नवीन चिकित्सा तकनीकों के संबंध में चर्चा-जानकारी के लिए ब्लॉग, डिस्कशन एवं प्रतियोगिता आयोजित होगी। डिजिटल सामग्री डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी।
मशीन लर्निंग को विकसित किया जाएगा
मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में मरीजों के जांच एवं उपचार के डाटा को एकत्रित कर सॉफ्टवेयर आधारित मशीन लर्निंग से जांच और उपचार के विभिन्न एल्गोरिदम को तैयार किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों एवं चिकित्सा छात्रों को मरीजों के इलाज और उपचार में मदद मिल सकेगी।
वीआर डिवाइस से चिकित्सा प्रशिक्षण
चिकित्सा तकनीक के नवीनतम वर्चुअल टेक्नोलॉजी आधारित वीआर डिवाइस से चिकित्सा छात्रों को वर्चुअल टेक्नोलॉजी आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर वास्तविक चिकित्सीय प्रोसिजर करने के अनुभव के करीब पहुंचने में मदद कर उनके क्लीनिकल डायग्नोसिस एवं सर्जिकल दक्षता को सक्षम किया जा सकेगा।
थ्रीडी प्रिंटिंग का चिकित्सा के क्षेत्र में उपयोग
थ्रीडी प्रिंटिंग के उपयोग से चिकित्सा पेशेवरों और चिकित्सा छात्रों को रोगियों का कई तरीकों से उपचार करने का एक नया रूप प्रदान करना संभव होता है। थ्रीडी प्रिंटिंग के उपयोग से प्रोस्थेसिस के विकास, दांत, हड्डियों एवं विभिन्न अंगों की विशिष्ट बीमारियों के परिप्रेक्ष्य में प्रतिकृतियों के निर्माण कर शल्य क्रिया में बेहतर चिकित्सा रिजल्ट प्राप्त किया जा सकेगा।
इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना
मेडिकल नॉलेज शेयरिंग मशीन के माध्यम से नवीन मेडिकल डिवाइस के शोध एवं विकास के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज में इनक्यूबेशन सेंटर को विकसित किया जाएगा, जिससे चिकित्सकों एवं चिकित्सा छात्रों में नए चिकित्सा उपकरणों को मरीजों की आवश्यकता के अनुसार शोध करने और विकसित करने का अवसर मिल सकेगा।
मेडिकल रोबोटिक्स के लिए ट्रेनिंग
शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में मेडिकल रोबोटिक्स के उपयोग से सर्जिकल प्रोसिजर में अधिक सटीकता और बेहतर दक्षता मिलती है। मेडिकल नॉलेज शेयरिंग मिशन से शासकीय एवं निजी क्षेत्र के चिकित्सा के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के साथ एमओयू कर ऑर्थोपेडिक, यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी के विभिन्न सर्जिकल प्रोसिजर में मेडिकल रोबोट के उपयोग के लिए ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।
स्किल डेवलपमेंट के लिए विशेष प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में चिकित्सा, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के छात्रों को विशिष्ट ट्रेनिंग देकर उनके कार्य-क्षेत्र में दक्षता प्रदान करने के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। मेडिकल नॉलेज शेयरिंग मिशन को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के उद्देश्य से वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, यूनिसेफ, विश्व बैंक सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं को भी साथ में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक से मरीजों की प्राथमिक स्क्रीनिंग द्वारा जांच एवं उपचार के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। गूगल एवं शंकर नेत्रालय के संयुक्त सहयोग से AI आधारित जांच और उपचार को मेडिकल नॉलेज शेयरिंग मिशन के द्वारा प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा छात्रों एवं चिकित्सकों तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त AI तकनीक के उपयोग से टीबी, ब्रेन स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, दिल की बीमारी, कैंसर जैसे लिवर, प्रोस्ट्रेट, ब्लेडर, पेट के कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, बोन कैंसर एवं थायराइड बीमारी की प्राथमिक स्तर पर पहचान तथा AI आधारित डिजिटल पैथोलॉजी से मरीजों की जांच के आयामों को विकसित किया जाएगा।