मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा विकासखंड के ग्राम मावता निवासी लोकेश कुमावत इंफाल में शहीद हो गए। लोकेश आर्मी की इंफाल यूनिट में तैनात थे। शुक्रवार को पार्थिव शरीर गृह ग्राम पहुंचा तो वहां श्रद्धांजलि देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
आर्मी में पदस्थ 22 वर्षीय लोकेश कुमावत पुत्र मुकेश कुमावत निवासी ग्राम मावता थाना कालूखेड़ा दो साल पहले 2019 में ही सेना में भर्ती हुए थे। उनकी ड्यूटी मणिपुर के इम्फाल यूनिट में थी। लोकेश दो भाइयों में बड़े थे। उसके पिता खेती करते हैं। छोटा भाई 17 वर्षीय विशाल 12वीं में पढ़ता है। गुरुवार को जब शहादत की खबर मिली तो मां से उसे छिपाया गया। घर के बाहर भीड़ भी जमा नहीं होने दी गई थी। लोकेश का जब आर्मी में चयन हुआ था, तब मां ने तिलक कर भेजा था। अब शव तिरंगे में लिपटकर गांव लौटा है।
लोकेश कुमावत के शरीर पर पुष्पांजलि चढ़ाते रतलाम कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम।
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आर्मी ने बुधवार सुबह छह से सात बजे के बीच मुकेश कुमावत को शहादत की जानकारी दी। सिर्फ इतना ही बताया कि लोकेश नहीं रहा। पार्थिव शरीर मणिपुर से गुरुवार रात इंदौर एयरपोर्ट लाया गया। शुक्रवार को सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर गृह ग्राम मावता ले जाया गया।
जहां सेना की तैयारी की, वहीं अंतिम संस्कार
लोकेश 12वीं तक पढ़ने के बाद सेना में जाने की तैयारी में जुट गया था। उसे बचपन से सेना में जाने का जज्बा था। रियावन मार्ग स्थित जिस खेल मैदान पर वह आर्मी के लिए तैयारी करता था, वही अंतिम संस्कार किया जाएगा। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम समेत तमाम अधिकारियों ने लोकेश कुमावत के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।