व्यापमं में गड़बड़ी का बड़ा खुलासा सात जुलाई, 2013 को पहली बार पीएमटी परीक्षा के दौरान तब हुआ, जब एक गिरोह का भंडाफोड़ इंदौर की अपराध शाखा ने किया। पुलिस ने 20 ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दायर किया। इन मामलों में परीक्षा देने वाले छात्र की जगह किसी और ने परीक्षा दी।
मामले के मास्टर माइंड जगदीश सागर को पुलिस ने 16 जुलाई, 2013 को गिरफ्तार किया था। हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेकर हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज चंद्रेश भूषण की अध्यक्षता में अप्रैल, 2014 में एसआईटी का गठन किया था। बाद में सीबीआई ने 15 जुलाई को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
सीबीआई की विशेष अदालत ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के एक मामले में पिछले महीने दोषियों को सजा सुनाई थी। अदालत ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती घोटाले में दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 30 को सात साल और एक को 10 साल जेल की सजा सुनाई है।
इन आरोपियों को 21 नवंबर को दोषी ठहराया गया था। मुख्य दोषी मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी प्रदीप त्यागी को 10 साल की सजा मिली। सजा पाने वाले ज्यादातर आरोपी मप्र के भिंड, मुरैना और ग्वालियर तथा यूपी के प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी जैसे बड़े शहरों के रहने वाले हैं।