मध्यप्रदेश में फिलहाल विधायकों को वाहन खरीदने के लिए चार फीसदी ब्याज दर पर 15 लाख रुपये का कर्ज नहीं मिल सकेगा। कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर विरोधाभास पैदा हो गया। कुछ मंत्री तो इसके पक्ष में हैं तो कुछ इसके विरोध में हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रस्ताव पर रोक लगा दिया।
अब इस प्रस्ताव पर नए सिरे से चर्चा होगी, तब तक विधायकों को गाड़ी के लिए कर्ज नहीं दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने गाड़ी के कर्ज के साथ होमलोन का भी प्रस्ताव दिया था। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा में गाड़ी के लिए 15 लाख और घर के लिए 25 लाख रुपये का कर्ज कम ब्याजदर पर मिलता था।
मौजूदा विधानसभा में इसे बढ़ाकर लागू करने का प्रस्ताव था। इस विधानसभा में गाड़ी के लिए 15 लाख से 20 लाख और घर के लिए 25 लाख से 50 लाख रुपये का करने का प्रस्ताव था। जब यह मामला वित्त विभाग के पास पहुंचा तो उसने घर के लिए दिए जाने वाले कर्ज का मामला विधानसभा को फिर से चर्चा के लिए लौटा दिया।
वहीं, गाड़ी के लिए कर्ज के प्रस्ताव को बिना वृद्धि के ही आगे बढ़ा दिया गया। यही प्रस्ताव गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में रखा गया। चूंकि यह प्रस्ताव सीधे कैबिनेट में आया था इसलिए खुद संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविंद सिंह और मंत्री पीसी शर्मा ने विरोध कर दिया।