मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस को एक ऐसे ड्रग माफिया के बारे में जानकारी मिली है, जो करीब 10 साल से एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों को भी चकमा दे रहा है। उसका नाम सार्थक उर्फ सम्राट याग्निक बताया जा रहा है। दरअसल, वह कैप्सूल में कोकीन भरकर लाता है और उसे दवा बताकर आसानी से तस्करी कर लेता है। पुलिस को यह जानकारी ड्रग पैडलर ने दी। अब पुलिस ने ड्रग माफिया सार्थक की तलाश शुरू कर दी है।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक, ड्रग पैडलर अमन उर्फ किशन ने तस्करी के नए तरीके की जानकारी दी। उसने बताया कि ड्रग्स माफिया सार्थक उर्फ सम्राट याग्निक दस साल से पुलिस के साथ-साथ एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों को भी चकमा दे रहा है। वह दवा के नाम पर कैप्सूल में ड्रग्स भरकर लाता है। उसके संबंध नाइजीरिया, ब्राजील और दुबई के तस्करों से भी हैं।
ड्रग पैडलर ने किया खुलासा
आईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक, पुलिस को अमन के साउथ एवेन्यू होटल के कमरे से 10 मोबाइल मिले, जिसमें आरोपी सम्राट से जुड़ी जानकारियां भी पता लगीं। अमन ने पूछताछ में बताया कि सम्राट जब भी फ्लाइट से इंदौर आता तो वह पार्सल लेने या मुझे या राकेश को भेजता था। हमने कभी पार्सल नहीं खोला, लेकिन यह पता लग गया था कि वह दवाई के डिब्बों और कैप्सूल के रूप में ही कोकीन व एमडी इंदौर लाता था।
इस वजह से नहीं होता शक
ड्रग पैडलर ने बताया कि एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के दौरान अवैध रूप से लाई गई धातु सोना, प्लैटिनम या हीरा आदि चेक किया जाता है, लेकिन दवाइयों को कभी खुलवाकर चेक नहीं करते। इसका फायदा ड्रग्स तस्कर उठाते हैं। एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि सामान्य तौर पर डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन देखकर ही हम लोगों को छोड़ देते हैं। हालांकि, पुख्ता सूचना मिलने के बाद जांच जरूर की जाती है।
ब्राजील-नाइजीरिया से आती है ड्रग्स
आरोपी के मुताबिक, अधिकांश एमडी और कोकीन ब्राजील व नाइजीरिया से आती है। इनका मुख्य गढ़ दिल्ली और मुंबई है। यहां इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट के सक्रिय एजेंट देश में हाई प्रोफाइल स्कॉर्ट सर्विस देने वाले रैकेट से जुड़कर कैप्सूल में ड्रग्स की पैकिंग करते हैं।
कैप्सूल निगलकर देते हैं झांसा
आरोपी ने कबूला कि कुछ महंगी ड्रग्स जैसे कोकीन, ब्राउन शुगर और एमडी को कुछ पैडलर्स कैप्सूल के रूप में खा जाते हैं। दरअसल, कुछ समय तक कैप्सूल कैप नहीं गलता। ऐसे में कस्टम से निकलने के बाद केले खाकर कैप्सूल को निकाल लिया जाता है।