मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंड पीठ ने एक अलग तरह का फरमान सुनाया है। कोर्ट ने आरोपियों को सजा के बदले समाज सेवा करने के लिए कहा। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपियों को अस्पताल में 25 हजार रुपये कीमत का एलईडी टीवी लगवाना होगा साथ ही शर्त यह है कि यह चाइना मेड नहीं होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला दतिया जिले के बड़ौनी थाना क्षेत्र का है। यहां आरोपी अरविंद पटेल और कमलेश पाल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत की अपील की थी। इन दोनों पर आपसी विवाद में एक ग्रामीण पर गोली चलाने का आरोप है।
मुरार के जिला अस्पताल के रैन बसेरे में लगवाने होंगे टीवी
इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह अनोखा आदेश दिया। हाई कोर्ट के आदेश के तहत आरोपियों को मुरार के जिला अस्पताल के रैन बसेरे में टीवी लगवाने होंगे। आदेश में स्पष्ट कहा गया कि टीवी भले ही किसी अन्य देश में क्यों न बना हो लेकिन चाइना मेड नहीं होना चाहिए। यह आदेश ग्वालियर खंड पीठ के जस्टिस शील नागू द्वारा दिया गया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों गलवां घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। इसके बाद से ही दोनों देशों की सेनाओं और सरकारों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण है। इसके कुछ दिन बाद भारत सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए 59 चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया।