ग्वालियर में संघ के घोषवादकों ने पथ संचलन निकाला।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्यभारत प्रांत के चार दिवसीय प्रांतीय स्वर साधक संगम (घोष शिविर) के दूसरे दिन शुक्रवार शाम को शहर में घोष वादकों का पथ संचलन निकला। पथ संचलन की शुरूआत वीरांगना लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर मान वंदना के साथ हुई। क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी, अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील कुलकर्णी, प्रांत संघचालक अशोक पाण्डेय, क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल, ग्वालियर विभाग संघचालक विजय गुप्ता की मौजूदगी में पथ संचलन की शुरूआत हुई। शहरवासियों ने जगह-जगह पथ संचलन में शामिल घोष वादकों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।
पथ संचलन से पहले मध्य भारत प्रांत के 31 जिलों के 550 से अधिक घोष वादक लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर जुटे। मान वंदना के बाद पथ संचलन की शुरुआत हुई। संचलन फूलबाग, लक्ष्मीबाई मार्ग, गुरूद्वारा, मोती तबेला, नदी द्वार, जयेन्द्रगंज, इंदरगंज होते हुए जीवायएमसी मैदान पर पहुंचा। यहां पर संचलन का समापन हुआ।
पथ संचलन में शामिल घोष वादक कदम ताल करते हुए चल रहे थे। उनके आगे खुली जीप पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगी थीं। पथ संचलन का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख विलास गोले, प्रांत कार्यवाह यशवंत इंदापुरकर, प्रांत सह कार्यवाह हेमंत सेठिया, विभाग सहसंघचालक अशोक पाठक, विभाग कार्यवाह देवेन्द्र गुर्जर, ग्वालियर जिला संघचालक रामभरोसे तोमर, लश्कर जिला संघचालक प्रहलाद सबनानी उपस्थित थे।
आकर्षण का केन्द्र बनी ऐतिहासिक प्रदर्शनी
केदार धाम में 28 नवंबर तक चलने वाली प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। यह प्रदर्शनी आमजन के लिए खुली है। यहां पर रखे ऐतिहासिक वाद्य यंत्रों को देखने के लिए शहरवासी पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनी में रखे वाद्य यंत्रों की ऐतिहासिक गाथा बताने के लिए स्वयंसेवकों की टोली मौजूद रहती है।
भागवत ग्वालियर पहुंचे
सरसंघचालक मोहन भागवत शुक्रवार को ग्वालियर पहुंचे। वे स्वर साधक संगम में भाग लेंगे। वे यहां 28 नवंबर तक ठहरेंगे। इस दौरान घोष वादकों को संबोधित भी करेंगे।