मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के निधन पर शोक जताते हुए कहा, 'मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्रद्धेय श्री लालजी टंडन के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं। टंडन जी का मार्गदर्शन हम सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक मिला। उन्होंने जनता और राष्ट्र की सेवा का एक अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए अपनी नीतियों से उत्तर प्रदेश में भाजपा को भी सशक्त किया। मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहते हुए टंडनजी ने हमें सदैव सन्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और प्रगति हेतु योगदान को चिरकाल तक याद रखा जाएगा। आत्मा अजर-अमर है। वे आज हमारे बीच नहीं हैं परंतु अपने सुविचारों द्वारा वे हमारी स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे।'
मध्यप्रदेश की खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री लालजी टंडन के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री टंडन संघर्ष से उपजे एक परिपक्व नेता थे। श्रीमती सिंधिया ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
देर रात बिगड़ी तबीयत
सोमवार देर रात लालजी टंडन की हालत फिर बिगड़ गई थी। उन्हें गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसकी जानकारी लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने दी थी। उन्होंने कहा था कि आज उनकी तबीयत ज्यादा गंभीर है। उन्हें फुल सपोर्ट पर रखा गया है।
11 जून को हुए थे अस्पताल में भर्ती
लालजी टंडन को 11 जून को सांस लेने में दिक्कत, बुखार और पेशाब में परेशानी की वजह से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी। इस कारण उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था।
किडनी और लिवर में थी दिक्कत
मध्यप्रदेश के राज्यपाल का 13 जून को ऑपरेशन किया गया था। हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। वे बीच में दो दिन बाई-पैप मशीन पर भी रहे। मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉ. कपूर के अनुसार, लालजी टंडन के किडनी फंक्शन में दिक्कत थी। ऐसे में उनकी डायलिसिस करनी पड़ रही थी। अब उनके लिवर फंक्शन में भी दिक्कत शुरू हो गई थी।