मध्यप्रदेश में एक सरकारी टीचर को इसलिए निलंबित कर दिया गया, क्योंकि घर में शौचालय होने के बावजूद उसकी पत्नी खुले में शौच करने चली गई थी। स्वच्छता अभियान के सिलसिले में राज्य में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जब सरकारी शिक्षक को पत्नी के किए की सजा भुगतनी पड़ी है।
जानकारी के मुताबिक, अशोकनगर जिले के रावसर गांव की शासकीय प्राथमिक शाला में राकेश प्रजापति शिक्षक हैं। उनकी पत्नी कथित तौर पर घर में बने शौचालय के बजाए बाहर खुले में निवृत्त होने चली गई।
जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर से जारी निलंबन के आदेश में कहा गया है कि स्वच्छ भारत मिशन की टीम जब गांव में पहुंची तो राकेश की पत्नी खुले में शौच करती पाई गईं। यह स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइंस का उल्लंघन है। जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक किसी भी शासकीय सेवक या उसके परिजन का खुले में शौच करना अस्वीकार्य है। इससे समाज में सकारात्मक संदेश नहीं जाता।
इसी शिकायत पर एक और शिक्षक हो चुका है सस्पेंड
अशोकनगर जिले में ही एक और शिक्षक को इसी शिकायत पर सस्पेंड किया जा चुका है। ईसागढ़ ब्लॉक में बुढ़ार स्थित शासकीय प्राइमरी स्कूल में पदस्थ महेंद्र सिंह यादव खुले में शौच कर रहे थे। यह शिकायत सामने आने के बाद उनको भी सस्पेंड कर दिया गया।