मध्यप्रदेश के इंदौर जिला प्रशासन ने अवैध खनन करने पर शनिवार को पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के रिश्तेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 5.9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। यह खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई थी।
इंदौर के अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह जुर्माना, इंदौर के बिजलपुर निवासी अनिल पटवारी के बेटे चेतन पटवारी और मुकेश पटवारी के बेटे कुणाल पटवारी पर लगाया गया है। कुणाल पर अपने रिश्तेदार और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के विधानसभा क्षेत्र राऊ में खनिज मुरुम का अवैध खनन करने और अधिकारियों पर पथराव करने का आरोप है।
तेजाजी नगर पुलिस स्टेशन में जून में शिकायत दर्ज की गई थी। बाद में कुणाल को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद शनिवार को उस पर जुर्माना लगाया गया था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से बिना नंबर की एक पोकलेन मशीन और मुरुम से भरा डंपर जब्त किया था।
पोकलेन के चालक ने बताया कि चेतन पटवारी और कुणाल पटवारी ने बिना अनुमति के अवैध खनन किया था। इस मामले में राज्य सरकार ने इंदौर से खनिज अधिकारी प्रदीप खन्ना को हटा दिया था और तेजाजी नगर पुलिस थाने के प्रभारी का भी तबादला कर दिया था। इसके बाद, लोकायुक्त ने एक सितंबर को खनिज अधिकारी प्रदीप खन्ना के ठिकानों पर भी छापा मारा था।
दरअसल, 19 जून को बिचौली हप्सी तहसील के अंतर्गत कैलोद करताल में शासकीय भूमि पर मुरम का खनन किया जा रहा था। उस समय एसडीएम की अगुआई में खनिज और राजस्व की टीम ने संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई की थी। मौके से बिना नंबर की एक पोकलेन मशीन और मुरम से भरा डंपर जब्त किया था। जांच में पाया गया कि खनन का यह कार्य पोकलेन मालिक चेतन पटवारी और कुणाल पटवारी द्वारा बिना अनुमति करवाया गया। जब्ती की कार्रवाई के दौरान अवैध खनन करने वालों ने शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों से विवाद भी किया था।