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फेरों के वक्त दुल्हन थी प्रेगनेंट, कोर्ट ने खारिज की शादी

Sat, 17 Mar 2018 07:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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इंदौर कोर्ट ने एक दंपति के विवाह को खारिज कर दिया है क्योंकि महिला फेरों के समय गर्भवती थी और उसकी शादी धोखे से कराई गई थी। जब पति को पत्नी के गर्भवती होने के बारे में पता चला तो उसने कोर्ट से अपनी शादी को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की। जिसके बाद पारिवारिक न्यायालय ने शादी को खत्म करने का फैसला दिया।

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मामला कुछ यूं था कि, जब दुल्हन अपने ससुराल पहुंची तो कुछ दिनों बाद ही पति को उसके गर्भवती होने के बारे में पता चल गया। कोर्ट में दायर की गई याचिका के अनुसार महिला के अपने जीजा से अवैध संबंध थे। उसके परिवारवालों ने 6 मई 2017 को उसकी शादी करवा दी। शादी के कुछ समय बाद जब पति को अपनी पत्नी पर शक हुआ तो उसने उसकी सोनोग्राफी करवाई। जिसमें पता चला कि वह 6 हफ्तों की गर्भवती है। इसके बाद यह मामला पारिवारिक न्यायालय पहुंचा। 

अपने साथ हुए इस धोखे से आहत पति ने कोर्ट से इंसाफ की मांग की। जिसके बाद न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुबोध कुमार जैन ने 14 मार्च को सुनवाई के दौरान पेश सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर पति की याचिका को स्वीकार करते हुए शादी को रद्द कर दिया। अदालत में महिला ने पति की याचिका में पेश किए गए तथ्यों को स्वीकार किया था। इसके बाद कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह साबित होता है कि याचिकाकर्ता को शादी से पहले अपनी पत्नी के गर्भवती होने के बारे में पता नहीं था। इसी वजह से कोर्ट शादी को रद्द करती है।

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