कुसमरिया पांच बार सांसद रहे हैं और दो बार विधायक। वह शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे। इस बार पार्टी ने उनको अपना स्टार प्रचारक भी बनाया है। लेकिन उनका टिकट काट दिया। नतीजतन कुसमरिया ने दो विधानसभा सीटों दमोह और पथरिया से बतौर निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। भाजपा ने अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा को हेलीकॉप्टर देकर उन्हें मनाने भेजा, पर वे नहीं पसीजे।
यही कहानी अग्रवाल, भोपाल के बैरसिया में ब्रह्मानन्द रत्नाकर, जबलपुर में धीरज पटेरिया, भिंड में नरेंद्र कुशवाह, ग्वालियर में पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, महेश्वर में राजकुमार मेव के मामले में हुई। हालांकि प्रदेश संगठन प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि पार्टी अंतत: सबको मना लेगी और जो नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।