डंग के इस्तीफा देने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि यह दर्शाता है कि कांग्रेस की सरकार में उनकी अपनी ही पार्टी के नेताओं को परेशान किया जा रहा है। इससे यह भी दिखता है कि कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार की स्थिति बेहद दयनीय है और यह जल्द ही समाप्त होने जा रही है।
प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह एक डीजीपी के बारे में नहीं है, कांग्रेस की सरकार उन सभी ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है जो उसकी इच्छा के अनुसार काम करने में विफल रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार के खिलाफ आवाज उठाने से अधिकारी पीड़ित हो सकते हैं।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक (डीजी) विवेक जौहरी को अगले आदेश तक अस्थायी आधार पर मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में नियुक्ति दी है।
एक विधायक की गुमशुदगी दर्ज
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के टीटी नगर पुलिस स्टेशन में कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह के बारे में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है। बता दें कि बिसाहूलाल सिंह पिछले तीन दिन से लापता है।
डंग के इस्तीफे से इतर मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार पर छाए संकट के बादलों के बीच थोड़ी राहत वाली खबर भी है। सपा विधायक राजेश शुक्ला और बसपा विधायक संजीव कुशवाहा ने गुरुवार को कहा कि वह सरकार के साथ हैं। उन्हें सरकार से समर्थन वापस लेकर भाजपा के साथ आने के लिए कोई ऑफर नहीं मिला है।
दोनों ही विधायकों ने दावा किया कि उन्हें गुरुग्राम के होटल में बंधक बनाकर नहीं रखा गया था। शुक्ला ने कहा कि हम इमानदारी से कमलनाथ सरकार के साथ हैं, हमारा समर्थन उन्हें जारी रहेगा। अगर सरकार को कोई खतरा है तो वह कांग्रेस के ही कुछ भितरघातियों से है हमसे नहीं। हमें कोई प्रलोभन नहीं दिया गया है।
शुक्ला की तरह ही कुशवाहा ने भी कहा कि उन्हें भी कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। अगर कांग्रेस नेताओं के पास कोई सबूत है तो पेश करें। हम बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देशों का पालन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राज्यसभा की सीट बसपा को देनी चाहिए।
कांग्रेस ने गुरुवार को मध्यप्रदेश में जारी राजनीतिक उठापटक और घमासान का ठीकरा भाजपा पर फोड़ा। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नई दिल्ली में आरोप लगाया कि भाजपा प्रजातंत्र का चीरहरण कर सत्ता की भूख मिटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का सरकारों को गिराने का काम नया नहीं है। वह अभी तक आधा दर्जन राज्यों में निर्वाचित कांग्रेस सरकारों को गिरा चुकी है या ऐसी कोशिश कर चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा खरीद-फरोख्त के बजाए सदन में बहुमत से क्यों भाग रही है। मध्यप्रदेश सरकार को जरूरी बहुमत से अधिक विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस के अपने 114 विधायक हैं और एक निर्दलीय प्रदीप जायसवाल का भी समर्थन है। इसके अलावा दो बसपा और एक सपा विधायक ने भी सरकार में आस्था व्यक्त की है।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य के 14 विधायकों को अगवा कर ले गई थी। व्यापम घोटाले, चिटफंड और टेंडर घोटाले में भाजपा नेताओं की संलिप्तता की परतें खुल रही हैं। इसे देखते हुए भाजपा को लगा कि अब कांग्रेस सरकार में न्याय के अनुसार उसके नेताओं को जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा। इसलिए सरकार गिराने की साजिश की जा रही है।