अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर बनवाने के लिए केंद्र सरकार के गठित ट्रस्ट से संबंधित विवादास्पद जमीन सौदे को लेकर मध्यप्रदेश के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके जरिये ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के आरोपों में प्राथमिकी पंजीबद्ध किए जाने की मांग की गई है।
क्या कहना है कांग्रेस के नेता का?
मध्यप्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव और मीडिया प्रभारी के के मिश्रा ने मंगलवार (15 जून) को जारी बयान में बताया कि उन्होंने शहर के छत्रीपुरा पुलिस थाने में सोमवार (14 जून) की रात को यह शिकायत दर्ज कराई। मिश्रा ने मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा राम मंदिर निर्माण परियोजना के लिए जमीन खरीदने में करीब 16 करोड़ रुपये की हेरा-फेरी की गई।
राम मंदिर निर्माण के लिए दिया था 1000 रुपये का दान
उन्होंने कहा, ‘इस कृत्य पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान के तहत अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।’ वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘मुझे सनातनी हिंदू होने पर गर्व है और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए मैंने इसी साल 1,000 रुपये का चंदा दिया था।’
आप सांसद व सपा नेता का आरोप
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता पवन पांडे ने रविवार (13 जून) को आरोप लगाया था कि पिछले माह 18 मार्च को अयोध्या में एक भूखंड का दो करोड़ रुपये में ‘बैनामा’ (विक्रय विलेख या सेल डीड) कराया गया और इसके कुछ मिनटों बाद ही श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह जमीन 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली। इधर, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इस जमीन सौदे में घोटाले के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये इल्जाम राजनीति से प्रेरित हैं और इनका मकसद दुष्प्रचार फैलाना है।
वहीं, छत्रीपुरा थाने के प्रभारी पवन सिंघल ने मिश्रा की शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘वरिष्ठ पुलिस अफसरों से मार्गदर्शन लेने के बाद इस शिकायत पर उचित कानूनी कदम उठाया जाएगा।’