इंदौर में कालीचरण महाराज का पुतला जलाते कांग्रेसी।
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महात्मा गांधी पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज को लेकर मप्र में सियासत गर्मा रही है। इंदौर में कांग्रेस ने कालीचरण महाराज का पुतला जलाया है। उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इससे पहले बुधवार को कालीचरण महाराज पर कांग्रेस नेता ने तीस हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी।
गौरतलब है कि महात्मा गांधी के खिलाफ कालीचरण महाराज ने अशोभनीय टिप्पणी की थी। उन्होंने नाथूराम गोडसे को महात्मा बताया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण महाराज के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। इसके बाद कालीचरण महाराज का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि धर्म संसद में बोले गए अपने शब्दों पर उनको कोई अफसोस नहीं है। वे गांधी से नफरत करते हैं। अगर मृत्युदंड भी दिया जाएगा तो स्वीकार है।
उन्होंने वीडियो में महात्मा गांधी पर कई तरह के आरोप भी लगाए और कहा कि हिंदुत्व के लिए उन्होंने क्या किया। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई और गुरुवार को इंदौर में शहर कांग्रेस ने कालीचरण महाराज का पुतला जलाया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि कालीचरण के इस बयान के पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा नजर आ रही है। कालीचरण महाराष्ट्र से पार्षद का चुनाव लड़कर हार चुका है ऐसे में अब फिर से किसी खास दल के करीब जाने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेता ने की थी इनाम की घोषणा
मामले में रायपुर पुलिस ने गुरुवार सुबह खजुराहो से कालीचरण महाराज को गिरफ्तार किया। इस पर भी मप्र की सियासत गर्माई है। गृह मंत्री नरोतम्म मिश्रा ने गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाए हैं। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने इंटर स्टेट प्रोटोकॉल को तोड़ा है। बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने कहा था कि जो भी फरार कालीचरण को ढूंढकर पुलिस को सूचना देगा व गिरफ्तारी में मदद करेगा उसे तीस हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। भाजपा अगर राष्ट्रपिता का सम्मान करती है तो मप्र में कालीचरण के आने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। महात्मा गांधी को अपमानित करने वाला देश का हितैषी नहीं हो सकता। महात्मा गांधी को अपमानित करने वाले को जेल भेजना चाहिए।