मध्यप्रदेश के गुना जिले के उकावद गांव में उधार नहीं चुका पाने पर एक शख्स ने आदिवासी समुदाय के 28 वर्षीय विजय सहरिया को मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को मृतक विजय सहरिया के परिजनों से मिले और ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा भी की है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय को वापस नही लाया जा सकता है, लेकिन पीड़ित परिवार को पूरा संरक्षण दिया जाएगा। साथ ही इस घटना के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विजय की पत्नी को सरकारी और आठ लाख 25 हजार अनुदान राशि दी जाएगी। इसमें से आधी धनराशि अभी दे दी गई है। संबल योजना के अंतर्गत चार लाख रुपये और दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''अब कोई साहूकार अनुसूचित जाति के गरीबों से कर्ज वसूल नहीं कर पाएगा। अगर कोई ऐसा करेगा, तो उसे तीन साल की सजा दी जाएगी। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि जहां भी कर्ज वसूली की घटना हो, तो तत्काल हमें सूचित करें। हम यथोचित कार्रवाई करेंगे। हम इस परिवार के साथ हैं और अपराधी को कड़ी दी जाएगी।''
कांग्रेस का दावा बंधुआ मजदूर था परिवार
कांग्रेस ने दावा किया कि विजय सहरिया बंधुआ मजदूर था और केवल 5,000 रुपये की उधारी नहीं चुकाने पर दबंगों ने उसे मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया।कांग्रेस मांग करती है कि इस वीभत्स हत्या की घटना के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार की हर संभव आर्थिक मदद की जाए। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इस घटना की पूरी जांच कराई जाएगी तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।
गुना जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि उधारी नहीं चुकाने पर उकावद गांव के विजय सहरिया पर शुक्रवार रात को एक आरोपी ने कथित तौर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया था, इसके बाद शनिवार को उपचार के दौरान गुना के जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान राधेश्याम लोधा के रूप में की गई है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी भी उकावद गांव का ही रहने वाला है।