मध्यप्रदेश में किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ करने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को एक क्रियान्वयन समिति का गठन किया है। राज्य के मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित यह 22 सदस्यीय समिति कांग्रेस के वचन पत्र (घोषणा पत्र) के अनुसार किसानों की कर्जमाफी के फैसले का क्रियान्वयन करेगी और इसकी समीक्षा का दायित्व भी निभाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के पहले फैसले के तहत उन किसानों को कर्जमाफी का फायदा मिलेगा, जिन्होंने राज्य में स्थित सहकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों से शॉर्ट टर्म लोन लिया है। ऐसे किसानों का 31 मार्च 2018 की स्थिति के अनुसार दो लाख तक का कर्ज माफ होगा।
इसका फायदा राज्य के 21 लाख किसानों को मिल सकता है। इससे राज्य सरकार के खजाने पर 15 हजार करोड़ रुपये का भार आ सकता है। हालांकि 30 सितंबर 2018 की स्थिति के मुताबिक राज्य के 40 लाख किसानों का 57 हजार करोड़ का कृषि ऋण बकाया है।