फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शादी के 18 साल बाद फोन पर 'तीन तलाक', सीएम शिवराज ने कहा- दिलाएंगे न्याय

Fri, 21 Aug 2020 10:07 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : ANI
विज्ञापन

शादी के 18 साल बाद एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को फोन के माध्यम से 'तीन तलाक' दिए जाने की कथित घटना सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को पीड़िता को आश्वासन दिया कि उसे न्याय दिलाने के लिए प्रत्येक कदम उठाया जाएगा।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार को इस मामले में अपने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'भोपाल में आज सुबह एक मुस्लिम बहन ने अपने पति द्वारा मोबाइल फोन पर 'तीन तलाक' दिए जाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। मैं उस बहन को विश्वास दिलाता हूं कि मध्य प्रदेश पुलिस उसे न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास करेगी।'
 

उन्होंने कहा, 'वर्षों की लड़ाई के बाद हमारी मुस्लिम बहनों के स्वाभिमान और न्याय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 'तीन तलाक' खत्म करने का कानून बनाया लेकिन अभी भी कुछ निकृष्ट लोग इस कानून से खिलवाड़ कर रहे हैं।' चौहान ने कहा, 'मैंने इस संदर्भ में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से बात की है कि मध्यप्रदेश पुलिस, बंगलूरू पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इस मामले में उचित कार्रवाई करे और हमारी मुस्लिम बहन को न्याय दिलाए।'
विज्ञापन


भोपाल के कोहेफिजा थाना प्रभारी अनिल बाजपेयी ने बताया कि भोपाल निवासी 42 वर्षीय महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि 31 जुलाई को उसके पति ने व्हाट्सऐप कॉल कर उसे 'तीन बार तलाक' कह दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी फैज आलम अंसारी के खिलाफ दहेज अधिनियम और मुस्लिम विवाह अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि महिला का निकाह 2001 में फैज से हुआ था और उनके दो बच्चे भी हैं। दोनों सिंगापुर के भी नागरिक हैं तथा उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड भी है। यह दंपत्ति 2013 में सिंगापुर से बंगलूरू रहने आ गया था। फैज फिलहाल बेंगलुरु के एक बड़े होटल में नौकरी कर रहा है। 

बाजपेयी ने महिला की शिकायत के आधार पर कहा कि निकाह के इतने साल बीत जाने के बाद भी फैज महिला को दहेज लाने के लिए लगातार परेशान करता रहता था। इस साल जून में उसने पत्नी के साथ फिर से झगड़ा करना शुरू कर दिया और कहा कि उसे घर में रहना है तो 25 लाख रुपये लाने होंगे। 

बाद में मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता बेंगलुरु में घर छोड़ने के बाद अपने दोस्त के यहां तीन-चार दिन रही और फिर अपने बच्चों को लेने अपने पति के यहां गई तो उसने बच्चों को सौंपने से मना कर दिया।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें