मध्यप्रदेश में एक कांग्रेस नेता पर टिकट दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने बुधवार को नेता के खिलाफ विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाने के नाम पर 3.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। हालांकि, नेता का कहना है कि उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके खिलाफ साजिश की है।
दरअसल, एक आदिवासी व्यक्ति अजित धुर्वे ने कांग्रेस नेता इरफान मलिक के खिलाफ शिकायत ही थी। धुर्वे ने आरोप लगाया है कि मलिक ने उसे जिले की शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट दिलाने का वादा किया था। धुर्वे ने कहा, 'मैंने मलिक को कई किस्तों में पैसे दिए। नवंबर 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले मैंने मलिक को कुल 3.83 लाख रुपये दिए।'
धुर्वे ने आरोप लगाया कि जब उसे टिकट नहीं मिला तो उसने मलिक से रुपये वापस करने को कहा। इसपर मलिक ने उसके साथ मारपीट की। धुर्वे का कहना है कि मलिक ने उसे केवल 18 हजार रुपये वापस किए।
वहीं, मलिक कहा कहना है कि यह सब उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की साजिश है। मलिक ने कहा कि इन्हीं लोगों ने दबाव डाल कर यह मामला दर्ज कराया है। उन्होंने दावा किया कि धुर्वे एक सरकारी कर्मचारी है जिसने हाल ही में लोकसभा चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा था।
मलिक ने कहा, 'यह मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की कोशिश है। मेरे पास किसी को पार्टी का टिकट देने या वादा करने का अधिकार नहीं है। मेरी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता इस साजिश के पीछे हैं, ताकि वे मेरी छवि धूमिल कर सकें।'