सिंधिया की बगावत से जब कमलनाथ सरकार गिरी तो मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा नेतृत्व की पसंद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा थे। उपचुनाव के महत्व को देखते हुए फैसला शिवराज के पक्ष में गया। सूत्रों का कहना है कि नेतृत्व अरसे से शिवराज को केंद्रीय राजनीति में लाना चाहता है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद कई बार उन्हें केंद्रीय कृषि मंत्री बनाने की चर्चा हुई। विस्तार से साफ है कि पार्टी राज्य में नया नेतृत्व उभारना चाहती है। शिवराज समर्थकों से भी परहेज बरता गया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भविष्य में भाजपा प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन पर नए सिरे से विचार करेगी।
गणेश श्लोक से हुई मंत्रिमंडल बैठक
शिवराज ने मंत्रिमंडल बैठक की शुरुआत भगवान गणेश के श्लोक से की। नए मंत्रियों को बधाई देने के साथ उन्होंने मंत्रियों को तत्काल काम में जुट जाने को कहा। उन्होंने कहा कि न मैं चैन से बैठूंगा, न आपको बैठने दूंगा। साथ ही उन्हें स्वागत समारोहों और भ्रष्टाचार से दूर रहने को कहा।
टाइगर अभी जिंदा हैः-ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा सांसद
जो लोग मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, वे जान लें ‘टाइगर अभी जिंदा है’। मध्य प्रदेश की जनता के लिए सिंधिया परिवार हमेशा से समर्पित रहा है। चाहे राजमाता हों या पिताजी। न्याय का रास्ता अपनाना, सच का रास्ता अपनाना सदैव सिंधिया परिवार का संकल्प और प्रण रहा है।
उमा भारती नाराज
वरिष्ठ भाजपा नेता उमा भारती ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय असंतुलन है। उमा प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और केंद्र में भी मंत्री रह चुकी हैं।