मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया है। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 69.93 फीसदी मतदान हुआ।
दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव में मतदान के दौरान गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 17 पोलिंग बूथ से कांग्रेस के पोलिंग एजेंट्स को हटा दिया गया है और बूथ कैप्चर करने की प्रक्रिया चल रही है। हम वहां दोबारा मतदान की मांग करते हैं।
मध्यप्रदेश उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। चुनाव आयोग की तरफ से बताया गया है कि अभी तक राज्य में 39.29 फीसदी मतदान हुआ है।
कमलनाथ ने शिवराज पर निशाना साधते हुए कहा, 'मध्यप्रदेश के लोग जानते हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने पिछले छह महीनों में सिर्फ झूठ बोला है और राज्य के विकास के लिए कुछ नहीं किया है। मतदाताओं अब कांग्रेस को राज्य के लिए काम करने का मौका देंगे।'
मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के तहत मंगलवार दोपहर 12 बजे तक 26.79 फीसदी मतदान हुआ है। एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 के दिशा निर्देश के साथ मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। प्रदेश के 19 जिलों में 28 विधानसभा सीटों पर दोपहर 12 बजे तक कुल 26.79 प्रतिशत मतदान हुआ है।
देवास में कांग्रेस नेता से मारपीट की गई है। बताया गया है कि उस पर पार्टी के नेताओं ने भाजपा से गठजोड़ करने का आरोप लगाया। इस दौरान भाजपा नेता भी मौजूद रहे। वहीं, गोहद/ पुलिस प्रशासन ने तीनों प्रत्याशियों को नजरबंद कर दिया है। इसमें भाजपा के रणवीर जाटव, कांग्रेस के मेवाराम जाटव और बसपा के यशवंत पटवारी शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'मतदान लोकतंत्र की आत्मा है, यह लोकतंत्र को मजबूत करता है। आप सभी को वह सरकार चुनने के लिए मतदान करना चाहिए जो आपकी आकांक्षाओं को पूरा कर सके। बाहर निकलिए और वोट कीजिए। आइए मिलकर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाते हैं।' राज्य में 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव चल रहा है।
मध्यप्रदेश उपचुनाव में सुबह 10 बजे तक 11.48 प्रतिशत तक मतदान हुआ। राज्य में 28 सीटों के लिए मतदान जारी है।
ग्वालियर में भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य विधानसभा क्षेत्र के हो रहे उपचुनाव में वोट डाला।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर उपचुनाव में वोट डालने में मदद करने के लिए एक व्यक्ति अपनी बुजुर्ग मां को गोद में उठाकर लाया। आज राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है।
मुरैना के सुमावली सीट के जतावर पोलिंग बूथ पर फायरिंग हुई है। इसके कारण मतदान को रोका गया है। फायरिंग में एक युवक को गोली लग गई है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा, 'तकनीकी युग में विकसित देश ईवीएम पर भरोसा नहीं करते पर भारत व कुछ छोटे देशों में ईवीएम से चुनाव होते हैं। विकसित देश क्यों नहीं कराते? क्योंकि उन्हें ईवीएम पर भरोसा नहीं है। क्यों? क्योंकि जिसमें चिप है वह हैक हो सकती है।'
ग्वालियर में डबरा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार, इमरती देवी ने बूथ संख्या 219 पर अपना वोट डाला।
प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में प्रदेश के 12 मंत्रियों सहित कुल 355 उम्मीदवार मैदान में हैं। 19 जिलों में उपचुनाव के तहत 33,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रदेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान कराने की पूरी तैयारियां की गई हैं।
उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है और मतदाता पोलिंग बूथों पर पहुंचने लगे हैं।
प्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से वर्तमान में भाजपा के 107 विधायक हैं, जबकि काग्रेस के 87, चार निर्दलीय, दो बसपा एवं एक सपा का विधायक है। बाकी 29 सीटें रिक्त हैं, जिनमें से दमोह विधानसभा को छोड़कर 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। दमोह सीट पर उपचुनाव की तिथि घोषित होने के बाद कांग्रेस विधायक राहुल सिंह लोधी ने विधानसभा की सदस्यता एवं कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए हैं।
भाजपा ने उन सभी 25 लोगों को प्रत्याशी बनाया है, जो कांग्रेस विधायकी पद से इस्तीफा देकर पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी, जिसके कारण कमलनाथ ने 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनी। इसके बाद कांग्रेस के चार अन्य विधायक भी पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटें कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देकर भाजपा में आने से खाली हुए हैं, जबकि दो सीटें कांग्रेस के विधायकों के निधन से और एक सीट भाजपा विधायक के निधन से रिक्त है।
मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव के लिए आज मतदान समाप्त हो गया है। कोरोना महामारी की रोकथाम के दिशा-निर्देशों के साथ सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ।उपचुनाव के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस से भाजपा में आए ज्योतिरादित्य के लिए परीक्षा माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी ज्यादा विधानसभा सीटों पर एक साथ उपचुनाव हुआ। ये उपचुनाव तय करेंगे कि 10 नवबंर को इनके परिणाम आने के बाद कौन सी पार्टी प्रदेश में सत्ता में रहेगी - सत्तारूढ़ भाजपा या मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस।
इसके अलावा, इस उपचुनाव में उन 25 प्रत्याशियों के भाग्य का भी फैसला होगा जो कांग्रेस विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद अपनी छोड़ी हुई उसी सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें से अधिकांश ग्वालियर राजघराने के वंशज ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं, जो खुद भी कांग्रेस छोड़ इस साल मार्च में भाजपा में शामिल हुए हैं। इसलिए इस उपचुनाव में सिंधिया की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
मंगलवार को देश के 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव हुआ और इनमें से आधे से अधिक सीटों पर मध्य प्रदेश में हुआ।