मंगलवार को मध्यप्रदेश में हुए उपचुनावों की मतगणना हुई, राज्य में 28 सीटों के लिए मतदान हुए थे। शिवराज कैबिनेट के 12 मंत्री चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन इनमें से तीन को हार का सामना करना पड़ा जबकि नौ मंत्री चुनाव जीतने और सीट बचाने में कामयाब रहे।
इन सभी मंत्रियों ने मार्च में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और विधायक पद से त्यागपत्र दिया था और भाजपा में शामिल हुए थे। जीतने वालों में से ज्यादातर सिंधिया के समर्थक थे। उपचुनाव के परिणामों के मुताबिक, प्रदेश सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक दो मंत्री इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया दिमनी चुनाव हार गए।
इमरती देवी डबरा से 7,633 वोटों के अंतर और गिर्राज दंडोतिया दिमनी 26,467 वोटों के अंतर से हार गए। इसके अलावा हारने वाले मंत्रियों में एंदल सिंह भी शामिल हैं, जो सुमावली सीट से 10,947 वोटों से हार गए हैं। बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 में डबरा सीट से इमरती देवी ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर भाजपा उम्मीदवार को 57,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था।
वहीं एंदल सिंह ने कांग्रेस के ही टिकट से भाजपा के उम्मीदवार को 13,000 से ज्यादा अंतर से हराया था। इसके अलावा गिर्राज भी 2018 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े थे और उन्होंने भाजपा के शिव मंगल सिंह तोमर को 18,000 से ज्यादा वोटों से हराया था।
मध्यप्रदेश उपचुनाव जीतने वाले नौ मंत्री
- ओपीएस भदौरिया (मेहगांव)
- प्रद्यम्न सिंह तोमर (ग्वालियर)
- सुरेश धाकड़ (पोहरी)
- महेंद्र सिंह सिसोदिया (बामोरी)
- ब्रजेंद्र सिंह यादव (मुंगावली)
- डॉ. प्रभुराम चौधरी (सांची)
- राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव (बदनावर)
- बिसाहूलाल सिंह (अनूपपुर)
- हरदीप सिंह डंग (सुवासरा)