बता दें कि मार्च में कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद प्रदेश में 15 माह पुरानी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद उनके समर्थक और कांग्रेस के 22 बागी विधायक भी भाजपा में शामिल हो गए थे।
फिलहाल मध्यप्रदेश विधानसभा में सदस्यों की संख्या 206 है और सत्तारूढ़ भाजपा के पास 107 विधायकों की संख्या के साथ बहुमत है। भाजपा को सदन में साधारण बहुमत हासिल करने के लिए उपचुनाव में इन 24 सीटों में से कम से कम नौ सीटें जीतनी होंगी। कांग्रेस के अभी 92 विधायक हैं जबकि चार विधायक निर्दलीय हैं। इसके अलावा बसपा के दो और सपा के एक विधायक हैं।