मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बदले दो हजार रुपये की घूस लेने वाले सरकारी अधिकारी को जिला अदालत ने आज चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी। दोषी पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
विशेष न्यायाधीश जेपी सिंह ने करीब तीन साल पुराने मामले में मसूद अहमद कुरैशी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की सम्बद्ध धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
कुरैशी घूस कांड के समय यहां शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के जन्म और मृत्यु पंजीयन विभाग में प्रभारी अधिकारी के रूप में पदस्थ थे।
जिला लोक अभियेाजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने संवाददाताओं को बताया कि कुरैशी पर जिले के सिंकदर गांव के निवासी राहुल यादव से 27 जुलाई 2015 को 2,000 रुपये की घूस लेने का जुर्म साबित हुआ। यह रकम यादव के पिता मांगीलाल का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में ली गयी थी जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान 25 जून 2015 को मौत हो गयी थी।
यादव ने कुरैशी के रिश्वत मांगे जाने के बारे में लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी। इसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाकर सरकारी अधिकारी को घूस लेते रंगे हाथों धर दबोचा था।
इस बीच, सजा सुनाये जाने के बाद कुरैशी की ओर से विशेष न्यायाधीश के सामने अर्जी दायर कर जमानत की गुहार लगाई गयी लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इसे खारिज कर दिया और मुजरिम को जेल भेजे जाने का आदेश दिया।