मध्य प्रदेश के मैहर के भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी अपने बयानों के लिए अक्सर विवादों में रहते हैं। अब उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर विंध्य में कांग्रेस के दिवंगत दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा की उपेक्षा और अपमान करने का आरोप लगाया है। पत्र वायरल हुआ तो उन्होंने कहा कि मैंने कोई बगावत नहीं की है। मैंने तो निवेदन किया है कि विंध्य के मान-सम्मान का ध्यान रखते हुएअर्जुन सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण करें।
दरअसल, अर्जुन सिंह की प्रतिमा पहले भोपाल के नानके पेट्रोल पम्प के तिराहे पर लगनी थी। बाद में तय हुआ कि इसे व्यापमं चौहारे पर स्थापित किया जाएगा। तब से वहां प्रतिमा अनावरण का इंतजार कर रही है। त्रिपाठी ने पत्र में लिखा है कि अर्जुन सिंह केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर रहे हैं। उन्हें भारतीय राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता था। मध्य प्रदेश की राजनीति में अर्जुन सिंह के गौरव और जन-जन के नेता होने की कथा आज के लिए नई नहीं है। मध्य प्रदेश सहित भारतीय राजनीति में अर्जुन सिंह एक सशक्त पहचान रखते हैं। भोपाल नगर निगम के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रतिमा के अनावरण का समय मांगा था, लेकिन व्यस्तता के चलते कार्यक्रम नहीं हो पाया। यह विंध्य सहित मेरे लिए भी अपमान का विषय है। इस महान व्यक्तित्व और विंध्य के महान नेता की प्रतिमा का बार-बार अपमान होने से हम सब खुद को अपमानित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
मैंने कोई बगावत नहीं की है
पत्र सामने आने पर त्रिपाठी ने सफाई दी कि यह कोई बगावत नहीं है। मुख्यमंत्री से सिर्फ निवेदन किया है। अर्जुन सिंह जी भले ही प्रधानमंत्री न रहे हो, उनका दर्जा प्रधानमंत्री के बाद दूसरे नंबर का रहा है। उन्होंने विंध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मैंने खुद भी अर्जुन सिंह जिंदाबाद कहते हुए राजनीति की शुरुआत की थी। आज भी कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने इन नेताओं के जिंदाबाद के नारे लगाकर राजनीति शुरू की थी। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उचित सम्मान देना जरूरी है।