मध्यप्रदेश में चुनावी पारा चढ़ रहा है। प्रदेश में 28 नवंबर को सभी विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान होने हैं। राज्य में 1 करोड़ 37 लाख 83 हजार युवा मतदाता हैं। इनमें 18-19 साल तक की उम्र वाले मतदाताओं की संख्या 15 लाख 78 हजार 167 है। सभी पार्टियां युवाओं को रिझाने के लिए अब राजनीतिक रैलियां छोड़ फिल्म स्टार, फैशन शो, मुशायरा और कुश्ती मुकाबलों का सहारा ले रही हैं।
राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी के मुताबिक 56.09% मतदाता 18 से 39 साल के बीच के हैं। जय आदिवासी संगठन (जयस) ने हाल ही में युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने कार्यक्रम में अभिनेता गोविंदा को बुलाया। आगे वह अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को बुलाने की योजना बना रहे हैं।
पार्टी सदस्य और व्यापमं घोटाले का खुलासा करने वाले आनंद राय ने कहा कि राज्य में जयस की सरकार बनने पर गोविंदा की फिल्मों को कर मुक्त किया जाएगा, ताकि आदिवासी समुदाय का कम पैसों में मनोरंजन हो सके।
मगर ये अनूठा प्रचार केवल फिल्म अभिनेताओं तक ही सीमित नहीं, खंडवा जिले में मांधाता से भाजपा के विधायक लोकेन्द्र सिंह तोमर ने पिछले दिनों बीड़-खंडवा शटल ट्रेन की सालगिरह केक काटकर मनाई। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित भी किया।
पार्टी का टिकट पाने में जुटे कई विधायकों ने युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए ऐप लांच किया है। इस ऐप पर वो भविष्य की अपनी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। इन नेताओं में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री नरोत्तम मिश्रा, विधायक रामेश्वर शर्मा और भोपाल के पूर्व मेयर कृष्णा गौड़ शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी भी युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए नुक्कड़ नाटक और खुली चर्चाओं का सहारा ले रही है।