मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में टिकट वितरण के बाद टिकट दावेदारों में असंतोष उपजा है। कई नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़ कर दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया है। ऐसे में छतरपुर कांग्रेस में बगावत हो गई है। वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के बेटे नितिन चतुर्वेदी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। हालांकि, सत्यव्रत ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है।
नितिन चतुर्वेदी ने राजनगर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर नामांकन दाखिल किया है। नितिन चतुर्वेदी कांग्रेस से टिकट की मांग कर रहे थे।
सत्यव्रत चतुर्वेदी नितिन चतुर्वेदी के नामांकन पत्र दाखिल भरने के दौरान खुद मौजूद रहे। इस मौके पर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, "कांग्रेस 15 साल से गलती दोहरा रही है। इसलिए अन्याय के खिलाफ जनता की अदालत में जाऊंगा।"
नितिन चतुर्वेदी के लिए चुनाव प्रचार के सवाल पर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने यह कहा, "पिता के रूप में जितना सहयोग होगा वह करूंगा।"
सत्यव्रत चतुर्वेदी संभाग के बड़े ब्राह्मण नेता हैं। वे मध्यप्रदेश में विधायक, मंत्री और सांसद रह चुके हैं। ऐसे में उनके अपने बेटे के समर्थन में उतर आना कांग्रेस के प्रचार अभियान को नुकसान पहुंचा सकता है।
सात नवंबर दिवाली की रात कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 29 उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया। सूची जारी होने के कुछ ही देर बाद पार्टी में बगावत के सुर उठने लगे।