चुनावी आंकड़ों की मानें तो पिछले दो दशकों में राज्य विधानसभा में मुस्लिम प्रतिनिधियों की संख्या में गिरावट आई है। राजनीतिक दलों ने चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट तो दिया मगर उनकी आबादी के अनुपात में नहीं।प्रदेश के 5.03 करोड़ मतदाताओं में करीब 40 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। पिछले 15 साल से विधानसभा में केवल एक मुस्लिम प्रतिनिधि मौजूद है।
चुनाव के बाद नई विधानसभा का गठन होगा मगर नई तस्वीर भी ज्यादा अलग नहीं दिखेगी। भाजपा और कांग्रेस ने कुल मिलाकर केवल चार मुस्लिम उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है। कांग्रेस ने भोपाल उत्तर से वर्तमान विधायक आरिफ अकील, भोपाल मध्य से आरिफ मसूद और सरोंज से मसर्रत शहीद को टिकट दिया है जबकि भाजपा ने केवल एक मुस्लिम उम्मीदवार फातिमा रसूल सिद्दकी को भोपाल उत्तर से चुनावी मैदान में उतारा है। 90 के दशक में फातिमा के पिता रसूल सिद्दकी दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं।
भोपाल उत्तर और भोपाल मध्य के अलावा विधानसभा की 25 सीटों पर मुस्लिम वोटर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राज्य की 7.27 करोड़ की आबादी में 6.57% लोग मुस्लिम धर्म से आते हैं। आबादी के अनुसार विधानसभा में इनके प्रतिनिधित्व का आंकड़ा 15 से 20 होना चाहिए।
आंकड़ों के मुताबिक नरेला, बुरहानपुर, शाजापुर, देवास, रतलाम सिटी, सतना, सागर, ग्वालियर दक्षिण, उज्जैन उत्तर, जबलपुर उत्तर, जबलपुर पूर्व, मंदसौर, रीवा, खंडवा, खरगौन, इंदौर-1 और देपालपुर विधानसभा में मुस्लिम मतदाता परिणाम तय कर सकते हैं। बावजूद इसके किसी भी विधानसभा में पार्टी ने मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए।
मध्यप्रदेश विधानसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व
| चुनाव वर्ष |
कांग्रेस |
भाजपा |
अन्य |
जीत |
| 1985 |
7 |
2 |
1 (निर्दलीय) |
7( अन्य सहित) |
| 1990 |
3 |
0 |
1 (निर्दलीय) |
4 (अन्य सहित) |
| 1993 (बाबरी विध्वंस के बाद) |
6 |
0 |
1 (जनता दल) |
0 |
| 1998 |
4 |
0 |
1 (निर्दलीय) |
3 |
| 2003 |
5 |
0 |
0 |
1 |
| 2008 |
5 |
0 |
0 |
1 |
| 2013 |
5 |
1 |
0 |
1 |
इस बार के चुनाव में कांग्रेस की ओर से तीन, भाजपा की ओर से एक मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रदेश में 28 नवंबर को सभी 230 सीटों पर मतदान होंगे। चुनाव परिणाम 11 दिसंबर को बाकि के चारों राज्यों- छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के साथ घोषित किए जाएंगे।