मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोड़ पकड़ रहा है। यहां 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा सिवनी। संवाददाता वैभव कुमार ने लोगों से बात कर यहां हालात का जायजा लिया।
उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि सिवनी में क्या हैं जमीनी हालात।
सिवनी में एक व्यापारी ने बताया कि कारोबारी वर्ग को जीएसटी से परेशानी हुई है। उद्योगों को बढ़ावा नहीं दिया गया है। जिससे नई नौकरियां पैदा नहीं हुई हैं।
एक युवक ने कहा कि बेरोजगारी बड़ी समस्या है। नेता चुनाव में सिर्फ वादे करते हैं लेकिन वो पूरी नहीं होती। पिछले चुनाव का वाकया बताते हुए उसने कहा, "शिवराज सिंह चौहान ने बेरोजगारों को लोन देने का वादा किया था और कहा था कि बैंक जाने और मेरे नाम से लोन ले लेना। बैंक पहुंचने पर अधिकारियों ने कहा - जाओ शिवराज सिंह से दस्तखत कराके लाओ तब लोन देंगे।"
पेशे से फोटोग्राफर एक व्यक्ति ने कहा इस बार चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा होगा। शिवराज सिंह चौहान ने पिछले 15 सालों से युवाओं को बेरोजगार बना दिया है।
सिवनी मालवा विधानसभा में देखा जाये तो चुनाव में मंहगाई सड़क, पानी, बिजली और रोजगार के साथ ही अतिक्रमण और भ्रटाचार के मुद्दे हैं। इनको लेकर आए दिन सत्ता के खिलाफ आंदोलन हुए और शिकायतें होती रही हैं। नगर में मुख्य मार्ग और बायपास मार्ग के साथ अतिक्रमण, यातायात, पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से आमजन दुखी हैं।