राहुल गांधी मध्यप्रदेश के दो दिवसीय चुनावी दौरे पर हैं। पहले दिन राहुल गांधी ने महाकाल की पूजा अर्चना की। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद रहे। लेकिन मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह कहीं नजर नहीं आए। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी है।
राहुल गांधी उज्जैन में चुनावी सभा करने के बाद झाबुआ में जनसभा करेंगे। इसके बाद इंदौर में उनका रोड शो होनेवाला है। इस बीच चुनावी चर्चा से गायब दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया ट्वीटर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। उन्होंने राहुल गांधी का स्वागत किया है।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, "मैं इंदौर में पैदा हुआ, स्कूल व कॉलेज की शिक्षा भी इंदौर में हुई। आज राहुल गांधी जी इंदौर पहुंच रहे हैं, मैं उनका हार्दिक स्वागत करता हूं।"
दिग्विजय ने अपनी गैर मौजूदगी की वजह बताते हुए लिखा, "मुझे अध्यक्ष जी ने कुछ आवश्यक कार्य सौंपा हुआ है जिसके कारण राहुल जी के इंदौर उज्जैन कार्यक्रम में अनुपस्थित रहूंगा क्षमा करें। सभी मित्रों से राहुल जी का गर्म जोशी से स्वागत करने की अपील करता हूं।"
बता दें कि कुछ दिनों पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था कि उनके भाषणों से कांग्रेस को नुकसान पहुंचता है इसलिए उन्होंने चुनाव प्रचार से अपने को दूर कर लिया है। दिग्विजय ने भोपाल में कार्यकर्ताओं से कहा था, "जिसे भी टिकट मिले, चाहे दुश्मन को ही मिले, उसे जिताओ। और मेरा काम केवल एक है। कोई प्रचार नहीं, कोई भाषण नहीं। मेरे भाषण देने से तो कांग्रेस के वोट कट जाते हैं, इसलिए मैं जाता नहीं।"
हालांकि दिग्विजय के इस बयान पर कमलनाथ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें नहीं मालूम कि उन्होंने किस संदर्भ में यह बयान दिया है।
मध्यप्रदेश में एक चरण में 28 नवंबर को मतदान होंगे। राहुल गांधी मालवा-निमाड़ अंचल में चुनाव प्रचार अभियान कर रहे हैं और विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की काेशिश कर रहे हैं।