मध्यप्रदेश चुनाव में ताल ठोक रहे उम्मीदवारों के बारे में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट सामने आई है। यह बताती है कि चुनाव में खड़े 17 फीसदी से ज्यादा प्रत्याशी दागी हैं। दागियों के आंकड़े में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग को दिए घोषणापत्र की मानें तो सबसे ज्यादा कांग्रेस ने 48% , भाजपा ने 30% और समाजवादी पार्टी ने 25% दागियों को टिकट दिया है।
एडीआर. चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था है। रिपोर्ट बनाने के लिए इसने 2,899 उम्मीदवारों के 2,716 घोषणापत्रों का विश्लेषण किया। 183 उम्मीदवारों के घोषणापत्र स्पष्ट नहीं होने के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाए। 295 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या की कोशिश, हत्या, छेड़खानी और बलात्कार के संगीन मुकदमे दर्ज हैं। 16 प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या, 24 के खिलाफ हत्या के प्रयास, छह के खिलाफ अपहरण और 20 के खिलाफ महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुकदमे दर्ज हैं।
जबलपुर उत्तर से निर्दलीय प्रत्याशी संजू ठाकुर के खिलाफ सबसे ज्यादा 30 मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या और अप्राकृतिक यौनाचार के मामले हैं। ठाकुर का कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है और वह पहली बार चुनावी मैदान में हैं।
एडीआर के मुताबिक 73 विधानसभा क्षेत्र ऐसे रहे जिनमें तीन या तीन से ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। संगीन आपराधिक मामलों में हुआ ये इजाफा पार्टियों की कथनी और करनी में अंतर दिखाता है।