मध्यप्रदेश में चुनावी जंग जीतने के लिए राजनीतिक दल कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में पार्टियां अब वास्तु शास्त्र का भी सहारा ले रही हैं। प्रदेश में अपना 14 साल का वनवास खत्म करने के लिए पहले कांग्रेस ने वास्तु विशेषज्ञों की शरण ली और अब सत्ताधारी भाजपा ने भी यही राह अपना ली है।
भाजपा ने अपने प्रदेश कार्यालय में वास्तु विशेषज्ञ की राय मानते हुए सुरक्षा कर्मियों के लिए बनाए गए कमरे को तोड़ दिया है। वास्तु दोष निवारण के लिए पार्टी ने मुख्यालय के मुख्य द्वार पर एक वाटर टैंक का निर्माण करवाया है। चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए भाजपा ने अपने प्रदेश कार्यालय में ये बदलाव किया है।
गौरतलब है कि 2003 में उमा भारती के कार्यकाल में मुख्य द्वार के निकट वाटर टैंक हुआ करता था, बाद में उसे तोड़कर सुरक्षाकर्मी के रहने के लिए कमरा बना दिया गया था। पार्टी ने जब वास्तु विशेषज्ञ से राय ली तो सबसे कठिन माने जा रहे इस चुनाव में वास्तु दोष को दूर करने के लिए वाटर टैंक बनाने का सुझाव मिला।
भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता आलोक संजर ने कहा कि वास्तु सभी की जरुरत है और पार्टी परंपराओं को निभाने में यकीन रखती है। इससे पहले कांग्रेस ने भोपाल के शिवाजी नगर के अपने मुख्यालय इंदिरा भवन के निचले तल पर प्रवक्ताओं के कमरे के बगल में बने तीन शौचालयों को वास्तु दोष का निवारण करने के लिए तोड़ दिया था।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है। मध्यप्रदेश में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। भाजपा यहां 15 साल से सत्ता पर काबिज है और इस बार सीएम शिवराज सिंह से सामने सत्ता बचाए रखने की कड़ी चुनौती है।