इंदौर निवासी शुभम जो पढ़ रहा है यूक्रेन में
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच मध्यप्रदेश के इंदौरवासी भी चिंतित हैं। इंदौर के करीब 25 छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। उनके परिजन सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि रूसी आक्रमण को देखते हुए जल्द से जल्द उनके बच्चों को घर पहुंचाने में सहायता करें।
इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में इंदौर के करीब 25 लोगों ने मुझसे संपर्क किया और मुझे बताया कि उनके बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। रूसी आक्रमण के खतरे के कारण ये छात्र जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं। एक समाचार एजेंसी से हुई बातचीत में लालवानी ने कहा कि वह विदेश मंत्रालय के माध्यम से इन छात्रों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं और इस संबंध में विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक पत्र लिखा है। विशेष रूप से, भारत ने मंगलवार को यूक्रेन में अपने नागरिकों को पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र को लेकर रूस और नाटो देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच अस्थायी रूप से उस देश को छोड़ने की सलाह दी। भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से यूक्रेन और उसके भीतर सभी गैर-जरूरी यात्रा से बचने के लिए कहा।
बेटे की सुरक्षा को लेकर हो रही चिंता
इंदौर के अखिलेश राव के बेटे प्रणय यूक्रेन के टेरनोपिल नेशनल यूनिवर्सिटी में मेडिसिन की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने सांसद से कहा है कि इंदौर और आसपास के इलाकों के कम से कम 25 मेडिकल छात्र उस देश में फंसे हुए हैं। पिता का कहना है कि रूसी आक्रमण के खतरे के कारण मैं यूक्रेन में अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। प्रणय की फोन पर परिजन से बात हुई है जिसमें बताया कि यूएसए, कनाडा, इजराइल और यूके के छात्र यहां से पहले ही जा चुके हैं। भारतीय दूतावास ने हमसे कहा है कि आपको यहां से जाना है तो जाइए, यहां रहना है तो रहिए। प्रणय राव ने अपना वीडियो जारी किया है। वीडियो में प्रणय ने युद्ध को लेकर चिंता तो जाहिर की है लेकिन यह भी कहा है कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इंडियन एम्बेसी के साथ लगातार संपर्क में है। भारतीय उच्च अधिकारी भी लगातार उनके साथ बातचीत कर रहे है।