मध्य प्रदेश में बुधवार को 12 से 14 वर्ष आयु के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया। बुधवार शाम 7.30 बजे तक 3.51 लाख बच्चों को वैक्सीन लगी। इससे पहले सीएम ने वैक्सीनेशन कार्यक्रम का शुभारंभ कर कहा कि वैक्सीन ही कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।
प्रदेश में बुधवार शाम 7.30 बजे तक 3 लाख 51 हजार 467 बच्चों का वैक्सीन लगी। इसमें सबसे ज्यादा वैक्सीन बालाघाट में 16 हजार 831 बच्चों को लगी। इसके बाद सागर में 16 हजार 512, इंदौर में 15 हजार 122, मुरैना में 14 हजार 791, जबलपुर में 13 हजार 579, भोपाल में 9 हजार 786 बच्चों को वैक्सीन लगी। वहीं, सबसे कम वैक्सीन अनूपपुर जिले में 614 बच्चों को लगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरेरा कॉलोनी में 12 से 14 वर्ष के बच्चों के वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोरोना के विरुद्ध वैक्सीन ही सबसे बड़ा हथियार है। तीसरी लहर में यह स्पष्ट हो गया कि प्रदेश में टीकाकरण के व्यापक कव्हरेज के परिणाम स्वरूप, प्रदेशवासियों को गंभीर परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ा। मेरी 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और उनके माता-पिता से निवेदन है कि वे जल्द से जल्द टीकाकरण कराएँ, ताकि चौथी लहर की संभावना बनने पर, वयस्कों के साथ-साथ बच्चे भी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहे। राज्य सरकार का प्रयास है कि बच्चे सुरक्षित रहें और स्कूल, खेल गतिविधियां तथा सामान्य जीवन बिना भय के चलता रहे।
कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, विधायक कृष्णा गौर, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मो. सुलेमान, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. सुदाम खाड़े, मिशन संचालक प्रियंका दास तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान में 30 लाख बच्चों को टीकाकृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने क्लिंटन हेल्थ फाउंडेशन द्वारा प्रदेश में कोविड की संघर्ष यात्रा और सफलताओं पर “जन-भागीदारी से जन-कल्याण: मध्यप्रदेश कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान” शीर्षक से प्रकाशित काफी टेबिल बुक का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 12 से 14 वर्ष के बच्चों के कोविड टीकाकरण के संबंध में जिज्ञासाओं और सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्नों पर केन्द्रित एफ.ए.क्यू. पुस्तिका का भी विमोचन किया।
चौहान ने कहा कि आज शहीद दिवस अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की वीरता और शहादत को स्मरण करने का दिन है। चौहान ने कहा कि दो वर्ष पूर्व 23 मार्च को जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की, तो संपूर्ण प्रदेश में कठिन परिस्थितियां और चुनौतियां विद्यमान थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में जन-भागीदारी से कोरोना का सामना किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गठित टॉस्क फोर्स द्वारा वैक्सीन के निर्माण के साथ ही टीकाकरण के लिए चलाए गए सघन महाअभियान के परिणाम स्वरूप प्रदेश में अब तक 11 करोड़ 44 लाख लोगों को प्रथम, द्वितीय और प्रिकाशन डोज लगाए जा चुके हैं। इनमें 13 लाख 3 हजार डोज हेल्थकेयर वर्कर्स को, 13 लाख 62 हजार डोज फ्रांटलाइन वर्कर्स को और 10 करोड़ 48 लाख डोज 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तथा 69 लाख 63 हजार डोज 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को लगाया गया है। प्रदेश में सभी चुनौतियों को पार करते हुए 15 से अधिक आयु वर्ग के 95 प्रतिशत से अधिक पात्र हितग्राहियों का टीकाकरण पूर्ण किया जा चुका है।