अभी हाल ही में मध्यप्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायकों द्वारा क्रॉस वोंटिग से सियासी उठा-पटक शुरू हो गई थी। जिसके बाद भाजपा द्वारा कांग्रेस पर प्रलोभन का आरोप लगाया गया था। लेकिन इस घटना के बाद भी मध्यप्रदेश के सियासी हालात भाजपा के पक्ष में जाते नहीं दिखाई दे रहे हैं।
सक्रिय सदस्यता अभियान के लिए गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई जिसमें भाजपा के सभी विधायकों को आने की सूचना दी गई लेकिन इसके बाद भी 15 विधायक इस बैठक में भाग लेने नहीं पहुंचे। नदारद रहे विधायकों में क्रॉस वोटिंग करने वाले भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल भी शामिल हैं।
जबकि इस बैठक में आना सभी विधायकों के लिए अनिवार्य था। बैठक से नदारद रहे विधायकों को प्रदेश कार्यालय मंत्री सत्येंद्र भूषण ने दो से तीन बार फोन करके सूचना भी दी। बताया गया है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ विधायकों ने तो अपनी व्यस्तता के कारण बता दिए लेकिन कई विधायक बिना किसी वाजिब कारण के ही नदारद रहे।
इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता सुहास भगत, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव समेत कई नेता मौजूद थे। दिल्ली में चल रहे संसद के मानसून सत्र के बीच इस बैठक में भाग लेने के लिए राकेश सिंह भोपाल में मौजूद थे।
उन्होंने बैठक की शुरुआत में ही जिलेवार तरीके से लोगों को खड़ा करके पूछा कि किस जिले से कौन विधायक आया है। जिसके बाद इस बैठक में 15 विधायकों के नहीं पहुंचने की जानकारी सामने आई। मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा के कई विधायकों को कांग्रेस के द्वारा प्रलोभन दिया जा रहा है। बावजूद इसके हम साथ खड़े हैं।
सक्रिय सदस्यता अभियान की बैठक में राकेश सिंह ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सदस्यता का जो लक्ष्य दिया गया था। वह सभी जिलों में लगभग पूर्णता की ओर है। निर्धारित किए गए लक्ष्य से आगे बढ़कर काम किया जाएगा।
प्रदेश भाजपा को पिछली सदस्यता से 20 फीसदी अधिक सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इस प्रकार यह आंकड़ा 20 लाख के करीब होता है। लेकिन हम निर्धारित किए गए लक्ष्य से आगे चल रहे है। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी लगन और परिश्रम के साथ काम किया और ऑनलाइन तथा पत्रक के माध्यम से सदस्यता को 30 लाख के पार पहुंचा दिया है।