वर्ष 2025 का 7 सितंबर रविवार का दिन कई मायनों में खास होने वाला है। रविवार को पितरपक्ष की शुरुआत के साथ ही पूर्ण चंद्रग्रहण भी रहेगा। इसको लेकर ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहण काल के दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे और श्रद्धालुओं को पूजन सामग्री गर्भगृह में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण का सूतक रविवार दोपहर से ही प्रारंभ हो जाएगा, ऐसे में श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ और धार्मिक नियमों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि उपरोक्त व्यवस्था में सहयोग प्रदान करें।
9 घंटे पहले शुरू होता है सूतक काल
ओंकारेश्वर के ज्योतिषाचार्य पंडित अशोक दुबे ने संपूर्ण चंद्र ग्रहण को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि ग्रहण का सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक रविवार दोपहर 12.56 बजे से शुरू होगा और ग्रहण खत्म होने के साथ ही खत्म होगा। उन्होंने बताया कि सूतक काल के पहले ही भगवान का पूजन इत्यादि कर लेना चाहिए सूतक काल में बच्चे बूढ़े और बीमार को छोड़कर सभी ने उसके नियम का पालन करना चाहिए।