वो दोनों प्यार करते थे लेकिन इस प्यार को अंजाम मिले ऐसा संभव ना था। प्यार को खोने का डर और माशूक के बिना जीने का खौफ उनके जेहन में ऐसा बैठा कि उन्होंने जान देने का फैसला कर लिया।
जान देने से पहले उन्होंने एक 20 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा और फिर फांसी के फंदे पर झूल गए। वो दोनों मर गए लेकिन इलाके में गूंज रही है उनकी दास्तान, वो दास्तान जिसे पढ़ कर आप रह जाएंगे हैरान।
होटल में मिली लाशें
घटना मध्यप्रदेश के इंदौर की है। जहां दोनों की लाशें गुरूवार को एक होटल में मिलीं। खजराना पुलिस ने बताया कि,"हरदा के रहने वाले रोहित राजपूत (19) और खंडवा की रहने वाली मीनाक्षी मौर्या (25) ने मंगलवार रात शहर के एक होटल में चेकइन किया था।"
पुलिस ने बताया कि,"मीनाक्षी ने कमरा नंबर 202 बुक किया था और खुद को रोहित की बहन बताया था। होटल के स्टाफ के मुताबिक दोनों ने बताया था कि वह एक एक्ज़ाम के लिए शहर में आए हैं।"
यूं पनपी थी मुहब्बत
रोहित ने हाल ही में इंदौर से अपनी 12वीं पूरी की थी जबकि मीनाक्षी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। लड़की के परिवार वालों ने उनकी गुमशुदगी के रिपोर्ट खंडवा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।
दोनों बचपन से एक दूसरे को जानते थे और इश्क कब हुआ उन्हें पता ही नहीं चला। लेकिन जब पता चला तो बहुत देर हो चुकी थी और जल्द ही वो दुनिया की इस हकीकत से रूबरू हो गए।
कमरे के अंदर का नजारा
बुधवार की रात दोनों ने अपने कमरे में खाना मंगाया और इसके बाद होटल स्टाफ ने उन्हें कमरे से बाहर नहीं देखा। जब दरवाजा खटखटाने और इंटरकॉम का भी कोई जवाब नहीं आया तो पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस के आने पर डुप्लीकेट चाबियों की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर दोनों लोग अचेत पड़े थे और जमीन पर पड़ी थी जहर की बोतल। डॉक्टरों ने उनकी मौत की पुष्टि की और फिर लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
'हमारी मौत पर मत रोना'
सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि,"हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं और एक पल के लिए भी एक दूसरे के बिना जी नहीं सकते। हम चाहते हैं कि हमारी लवस्टोरी भी अखबार में छपे। हमारे माफ कर देना और हमारी मौत पर रोना मत।"
खजराना पुलिस स्टेशन इंचार्ज सीबी सिंह ने बताया कि,"दोनों की मां आपस में बहनें हैं। दोनों का अफेयर था जिसका दोनों के ही परिवार ने विरोध किया था, वो दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे, इसीलिए दोनों ने अपनी जान दे दी।"