लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल की है। भाजपा की सुनामी इस तरह आई कि कांग्रेस उसमें बह गई। कई राज्यों में कांग्रेस को बुरी तरह से हार का मुंह देखना पड़ा। उन्हीं राज्यों में से एक है मध्यप्रदेश। यहां भाजपा ने 29 में से 28 सीट जीतकर कांग्रेस का बुरा हाल कर दिया।
करीब पांच महीने पहले ही सत्ता में आने वाली कमलनाथ सरकार के अधिकतर मंत्रियों की विधानसभा सीटों पर ही भाजपा ने बढ़त हासिल कर ली। 22 मंत्रियों की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस हार गई। सिर्फ 6 मंत्री ही अपने क्षेत्र में कांग्रेस को बढ़त दिला पाए। विधानसभा अध्यक्ष एपी प्रजापति और उपाध्यक्ष हिना कांवरे के क्षेत्र से भी कांग्रेस प्रत्याशी पीछे रह गए।
मंत्रियों के अलावा यही हाल विधायकों का भी है। चुनाव में कांग्रेस के 114 विधायक चुनकर आए। इनमें दीपक सक्सेना ने छिंदवाड़ा सीट सीएम कमलनाथ के लिए छोड़ दी। कांग्रेस विधायकों वाली अन्य 113 सीटों में से अधिकतर में भाजपा ने बाजी मारी।
गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव हार गए। ये मंत्री महेंद्र सिसोदिया का क्षेत्र है। वो बमोरी विधानसभा से 27920 वोट से जीते थे लेकिन उनके क्षेत्र से सिंधिया 11083 वोट से हार गए। भोपाल में दिग्विजय सिंह मंत्री पीसी शर्मा के क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम से 45942 वोट से हार गए।
भोपाल उत्तर में आरिफ अकील, कुक्षी में सुरेंद्र सिंह हनी बघेल, गंधवानी में उमंग सिंघार, डिंडोरी से ओमकार सिंह मरकाम, डबरा में इमरती देवी और भितरवार में लाखन सिंह ऐसे छह मंत्री हैं जिन्होंने कांग्रेस को बढ़त दिलाई।