सोमवार को हुए चौथे चरण के मतदान के दौरान मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब प्रदेश के मुखिया की वोटिंग के दौरान ही बिजली गुल हो गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे थे। उनके पहुंचते ही वहां बिजली चली गई। मतदान केंद्र के अंदर अंधेरा होने के बाद वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने कैमरे के साथ लगी फ्लैशलाइट की रोशनी में उन्होंने मतदान किया। इससे नाराज हुए सीएम कमलनाथ ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
कमलनाथ सुबह अपनी पत्नी अलका नाथ, बेटे नकुलनाथ और पुत्रवधु प्रिया नाथ के साथ सौंसर विधानसभा सीट के शिकारपुर मतदान केंद्र पर मतदान करने गए थे. तभी वहां बिजली चली गई और उन्हें मीडियाकर्मियों के कैमरों की फ्लैशलाइट में मतदान करना पड़ा. मतदान केंद्र की बिजली लगभग 20-25 मिनट तक गुल रही. चुनाव सुपरवाइजर नरेंद्र सिंह सिसोदिया ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के परिवार सहित मतदान केंद्र पहुंचने के बाद कुछ देर के लिए बिजली गई थी।
मालूम हो कि प्रदेश में चुनाव के दौरान हो रही बिजली कटौती यहां एक राजनीतिक मुद्दा बन गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता आरोप लगाते रहे हैं कि बिजली कंपनी के कुछ कर्मचारी जान बूझकर ऐसा करते हैं। कांग्रेस सरकार ने शक के दायरे में आने के बाद ऐसे 500 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है।
छिंदवाड़ा से पिता-पुत्र दोनों मैदान में
छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ कांग्रेस प्रत्याशी हैं, जबकि छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर कमलनाथ कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव लड़ रहे हैं। चूंकि मुख्यमंत्री बनने के बाद नियमानुसार उन्हें छह माह के अंदर विधानसभा की सदस्यता लेनी जरुरी है, इसलिए कांग्रेस समर्थक दीपक सक्सेना ने इस्तीफा देकर छिंदवाड़ा विधानसभा सीट खाली की थी।