मध्यप्रदेश व्यापम घोटाले में फंसे पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने अपनी गिरफ्तारी के बाद बीजेपी से इस्तीफा दे दिया। उन्हें 4 दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेजा गया है।
लक्ष्मीकांत शर्मा को रविवार को उनके निवास स्थान 74 बंगले से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि संविदा शिक्षक भर्ती में हुई गड़बड़ियों में उनकी भी हिस्सेदारी है।
इस मामले में कोर्ट ने उन्हें 20 जून तक हिरासत में भेजा है जबकि पुलिस उन्हें 23 जून तक पूछताछ के लिए हिरासत में रखना चाहती थी। इस मामले में लक्ष्मीकांत शर्मा के वकील का कहना है कि लक्ष्मीकांत शर्मा से पूछताछ की कोई जरूररत नहीं है। पुलिस पहले ही उनसे सारी बातें पूछ चुकी है।
मामले में सौ से ज्यादा गिरफ्तारियां
अब तक एसटीएफ सौ से भी ज्यादा गिरफ्तारियां इस मामले में कर चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में भर्ती किए गए लोग, बिचौलिए और व्यापम के अधिकारी हैं।
लेकिन लक्ष्मीकांत शर्मा और सुधीर शर्मा की गिरफ्तारी नहीं किए जाने पर सवाल उठाए जा रहे थे। दोनों ही भाजपा के नेता हैं। एसटीएफ का कहना रहा है कि पूरी जांच पेशेवराना ढंग से हो रही है और हाईकोर्ट पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।
विपक्षी दल कांग्रेस यह सवाल उठाती रही है कि एसटीएफ प्रभावशाली लोगों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है। अब एसटीएफ ने ऐसे समय कार्रवाई की है जब विधानसभा का सत्र आरंभ होने वाल है। नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे का कहना है कि पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। इसमें कई बड़े लोगों के नाम सामने आएंगे।